अकादमी का सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण नियमावली के शासन में अनुमोदन के उपरांत कराया जाएगा। गौरतलब रहे कि मथुरा में उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद भी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में काम कर रही है। इसके बाद अब सूरदास ब्रजभाषा अकादमी भी मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में ब्रजभाषा के लिए काम करेगी।
ब्रज के लिए बड़ी उपलब्धि
उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजाकांत मिश्र ने बताया कि यह ब्रज के लिए बड़ी उपलब्धि है। लंबे समय से यहां इसकी आवश्यकता को देखते हुए मांग भी की जा रही थी। सरकार ने ब्रज के साहित्य, संस्कृति, लोककला, संगीत के प्रोत्साहन और संवर्द्धन के लिए इस अकादमी का गठन किया है। परासौली में इसके लिए तीन करोड़ की लागत से भवन का निर्माण कराया जा रहा है।
पद्मश्री मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि सूरकुटी के विकास के लिए प्रदेश व केंद्र सरकार को कई चिट्ठियां लिखी हैं। विश्व के 40 विश्वविद्यालयों में सूर साहित्य पढ़ाया जाता है। सवा लाख पदों की रचना सूरदास ने की है। वह यहां 73 साल रहे हैं। सूरदास की प्रतिमा बनाने की भी मांग की थी। प्रदेश सरकार का निर्णय स्वागत योग्य है।