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Banke Bihari Temple: वृंदावन में श्री बांकेबिहारी कॉरिडोर से बदल जाएगा आसपास के मंदिरों की तस्वीर

Tue, 04 Oct 2022 06:02 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, मथुरा

सार

वृंदावन के श्री बांकेबिहारी मंदिर के लिए बनने जा रहा कॉरिडोर आसपास के मंदिर और कुंजों की तकदीर को बदल देगा। इन्हें देश के अनेक राजघरानों ने बिहारी जी के निकट बनवाया था। इन मंदिर और कुंजों की संख्या 25 से अधिक है।
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बांकेबिहारी मंदिर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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श्रीबांकेबिहारी मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की मंगला आरती के दौरान हुए हादसे के बाद काशी विश्वनाथ की तर्ज पर बनने जा रहे कॉरिडोर से आसपास क्षेत्र का भी चमक जाएगा। मंदिर के आसपास गलियों में अनेक मंदिर, कुंज, धर्मशाला और भवन हैं, जिनका अनूठा इतिहास है। इन्हें देश के विभिन्न राजघरानों द्वारा बनाए गए जो वर्तमान में जीर्णक्षीर्ण अवस्था में हैं। 

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इनमें 1714 से 1740 के बीच करौली के राजा रहे हरिवक्षपाल सिंह ने मालीपाड़ा के पास करौलीकुंज का निर्माण कर ठाकुर हरिशिरोमणीजी महाराज का मंदिर बनाया था। इसी के सामने पंजाब के नाभा स्टेट ने नाभाकुंज की स्थापना की थी। 16 वीं शताब्दी में मुल्तान के सेठ रामदास कपूर के आर्थिक सहयोग से बनवाया गया पुराना मदन मोहन मंदिर भी यहीं है। इसी के बगल में सूर्य मंदिर, शक्ति मंदिर, नया मदन मोहन मंदिर और अष्टसखी मंदिर भी हैं। 

आसपास बने हुए हैं मंदिर 

प्रेमजी मंदिर, विश्वनाथ कुंज, पुरदिलपुर वाला मंदिर, मुल्तान बिहारी मंदिर, साक्षी गोपाल मंदिर, भरतपुर राजघराने द्वारा स्थापित नवल बिहारी मंदिर, खुदागंज स्टेट (शाहजहांपुर) के सहयोग से निर्मित छैलबिहारी मंदिर और गोपालजी मंदिर बिहारीजी के आसपास बने हुए हैं। कॉरिडोर बनने के बाद इन मंदिरों तक श्रद्धालुओं की आसान पहुंच बनेगी। इनकी जीर्णक्षीर्ण दशा सुधर जाएगी। पर्यटकों की पहुंच होने के बाद ये प्राचीन मंदिर भी पुन: पहचान को प्राप्त कर सकेंगे।

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लोग जुटाने लगे संपत्ति का ब्यौरा

बिहारीजी कॉरिडोर निर्माण को लेकर राज्य सरकार के बढ़ते कदम के बाद स्थानीय लोगों के बीच कयासों का दौर भी तेज हो गया है। सभी स्वीकारने लगे हैं कि सरकार कॉरिडोर बनाने जा रही है। ऐसे में लोग मंदिर और आसपास की संपत्तियों का ब्यौरा एकत्रित करने में लगे हैं। 

ठाकुरजी बांके बिहारी मंदिर के सेवायत आचार्य प्रहलाद वल्लभ गोस्वामी ने कहा कि कॉरिडोर की संभावित जद में आने वाले अनेक प्राचीन, ऐतिहासिक मंदिर-कुंज एवं धर्मशाला, भवन आदि का भी विकास होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।
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