कासगंज। ज्योतिष के अनुसार इस बार करवाचौथ पर्व पर शुक्रादित्य राजयोग और सिद्धि योग बन रहे हैं। इन दोनों योग के बनने से पर्व का महत्व बढ़ गया है। सुहागिन महिलाओं पर शिव शक्ति की कृपा बरसेगी।
ज्योतिषाचार्य भरत राम गौड़ का कहना है कि शुक्रादित्य राजयोग सूर्य और शुक्र के योग से बनता है। दोनों ग्रहों के साथ आने से वैवाहिक जीवन में मधुरता आएगी। इस दिन चंद्रमा अपनी उच्च राशि वृष में संचरण करेंगे।
इस व्रत को सुहागिन महिलाएं पति की लंबी उम्र के लिए तथा कुंवारी कन्या अच्छे वर की कामना के लिए रखती हैं। इस साल करवाचौथ का व्रत 10 अक्तूबर को रखा जाएगा।
ज्योतिषाचार्य राहुल वशिष्ठ ने बताया कि वामन पुराण के अनुसार ब्राह्मण की विवाहिता पुत्री वीरवती ने चतुर्थी का व्रत किया था।
नियम यह था कि चंद्रोदय के बाद भोजन करे। परंतु उससे भूख नहीं सही गई। तब उसके भाई ने पीपल की आड़ में महताब आदि का सुंदर प्रकाश फैलाकर चंद्रोदय दिखा दिया और वीरवती को भोजन करवा दिया।
इससे उसका पति तत्काल अलक्षित हो गया और जब वीरवती ने बारह महीने तक प्रत्येक चतुर्थी का व्रत किया, विधि-विधान से पूजा की।
एक साल बाद फिर से चतुर्थी तिथि पर पूजन कर चंद्रमा को अर्घ्य दिया तो उसका पति फिर से जीवित हो गया।