आगरा। नए हथियार लाइसेंस या वारिसान के नाम स्थानांतरण के लिए अब शस्त्र हैंडलिंग प्रशिक्षण प्रमाणपत्र अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्रमाणपत्र प्रत्येक माह में छह दिन पुलिस लाइन में आयोजित शिविरों में जारी किया जाएगा। शिविरों में आवेदक को हथियार चलाने, संभालने और रखने की क्षमता साबित करनी होगी।
पुलिस लाइन में परीक्षण के बाद ही आवेदक को प्रमाणपत्र मिलेगा। बिना प्रमाणपत्र हासिल किए किसी को भी लाइसेंस जारी नहीं किया जाएगा। प्रशिक्षण में शस्त्र अधिनियम के बारे में पढ़ाया जाएगा। आवेदकों को हथियार की सुरक्षा, गोली चलाने का तरीका और देखभाल करना सिखाया जाएगा। हथियार को बच्चों की पहुंच से दूर रखने का तरीका भी बताया जाएगा।
प्रतिसार निरीक्षक ने एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान को पत्र जारी कर प्रशिक्षण की तारीखें तय की हैं। हर माह 1, 2 व 3 और 16, 17 व 18 तारीख को पुलिस लाइन में शस्त्र हैंडलिंग प्रशिक्षण शिविर लगेंगे, जहां प्रमाणपत्र बनेंगे। जिले में कुल 46,688 हथियार हैं, जिनमें से शहर में 21,131 और ग्रामीण क्षेत्र में 25,557 हैं। नए लाइसेंस जारी करने पर फिलहाल रोक है। केवल पुराने लाइसेंस वारिसान के नाम स्थानांतरित किए जा रहे हैं।
शस्त्र प्रशिक्षण शुल्क का रिकॉर्ड तलब
एकलव्य स्पोर्ट्स स्टेडियम स्थित शूटिंग रेंज में शस्त्र प्रशिक्षण शुल्क में गड़बड़ी की आशंका है। एडीएम सिटी यमुनाधर चौहान ने कोच दक्ष गौतम से 1 जुलाई 2025 से 1 जुलाई 2026 तक के प्रशिक्षण शुल्क का ब्योरा मांगा है। इसमें प्राप्त शुल्क और बैंक खाता जिसमें शुल्क जमा हुआ, उसका रिकॉर्ड तलब किया है। शूटिंग रेंज से प्रमाणपत्र जारी करने का शुल्क 1000 रुपये है।
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राइफल क्लब में जमा होगा शुल्क
जिलाधिकारी मनीष बंसल ने बताया कि प्रशिक्षण प्रमाणपत्र के लिए कुल 1000 रुपये शुल्क निर्धारित किया है। इसमें से 800 रुपये राइफल क्लब एसोसिएशन के खाते में जमा होंगे। शेष 200 रुपये जिला खेल विकास एवं प्रोत्साहन समिति के खाते में जमा कराए जा रहे हैं। प्रशासन पिछले एक साल से शूटिंग रेंज से इस शुल्क का ब्योरा प्राप्त करने में असमर्थ रहा है।