केंद्र सरकार ने जुकाम-खांसी की 14 दवाओं पर प्रतिबंध लगाया है। दवाएं बैन होने के बाद आगरा के दवा व्यापारियों ने इनकी बिक्री रोक दी है। दवा विक्रेता इन दवाओं को कंपनी को वापस करेंगे। आगरा फार्मा एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने विक्रेताओं को इस संबंध में अवगत करा दिया है।
एसोसिएशन के उपाध्यक्ष पुनीत कालरा ने बताया कि जिले में 800 दुकानें थोक और 6500 मेडिकल स्टोर हैं। 14 दवाओं की बिक्री पर रोक का नोटिफिकेशन आने के बाद सभी दवा विक्रेताओं को इन दवाओं की बिक्री न करने के लिए कहा है। इसमें खांसी, जुकाम, एलर्जी की दवाएं हैं। ये टैबलेट और कफ सिरप हैं। इसमें सबसे ज्यादा कालाबाजारी होने वाला कोडीन सिरप भी बैन कर दिया है।
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गुणवत्ता समेत हो सकती हैं अन्य वजहें
उन्होंने बताया कि सभी विक्रेताओं को सूची बनाने के लिए कहा है। इनको वापस करेंगे। औषधि निरीक्षक नवनीत कुमार ने बताया कि केंद्र सरकार ड्रग टेक्निकल एडवाइजरी बोर्ड के निर्देश पर दवाओं पर बैन लगाती है। इसमें दवाओं का असर और गुणवत्ता समेत अन्य वजहें भी हो सकती हैं।
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ये दवाएं की गईं बैन
निमेसुलाइड पैरासिटामोल डिसपर्सिबल, एमोक्सोलीन ब्रोमहक्सीन, फोल्कोडाइन प्रोमेथेजीन, क्लोरफेनिरेमाइन मेलिएट, क्लोरफेनिरेमाइन मेलिएट कोडीन सिरप, अमोनिया क्लोराइड, ब्रोमहेक्सीन डीक्ट्रोमेथोरफेन, डीक्ट्रोमेथोरफेन क्लोरोफेनिरेमाइन, पैरासिटामोल ब्रोमहक्सीन फेनइलफराइन, सेलबुटामोल ब्रोमहेक्सीन, क्लोरोफेनिरेमाइन कोडीन फोस्फेट, फिनटोएन फिनोबार्बीटोन सोडियम, अमोनिया क्लोराइड सोडियम साइट्रेट, साल्बुटामोल हाइड्रोक्सीलएथाइलथियोफिलाइन।