विवेचक ने मामले की विवेचना करने के बाद पत्रावली एसजीएम कोर्ट में पेश कर दी। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को मानक के विपरीत दूध की बिक्री करने का दोषी पाया। इसके बाद आरोपियों को सजा व जुर्माना लगाया गया।
पहले भी मिलावट पर हो चुकी है सजा
जिले में मिलावट के मामले में पहले भी सजा हो चुकी है। कोर्ट ने 27 साल पहले एक मिलावटखोर को सजा सुनाई, लेकिन वो फरार हो गया। पुलिस ने इसी साल उसे गिरफ्तार करके जेल भेजा। दो माह पहले सरसों के तेल में मिलावट के दोषी को एक साल की सजा तथा एक हजार रुपये का जुर्माना लगाया।
जिले में मिलावट का चल रहा है खेल
जिले में खाद्य पदार्थों में मिलावट का खेल जमकर चल रहा है। मसाले, मिठाई, कचरी, दूध, खोया, दाल सहित अन्य खाद्य पदाथों में मिलावट की जा रही है। वर्तमान वर्ष में 127 नमूने लिए गए, जिनमें 72 नमूने फेल हो गए।
जिले में खाद्य पदार्थों के जो नमूने फेल पाए गए हैं उनमें से 12 नमूने खाने के लिए असुरक्षित पाए गए है। इन आरोपियों के खिलाफ एसीजेएम न्यायालय में मामला दर्ज कराया गया है। जबकि 60 आरोपियों के खिलाफ एडीएम न्यायालय में मामला दर्ज कराया गया है।
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस के मौके पर विभाग जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन करेगा। कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को सुरक्षित एवं पोष्टिक खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने आदि की शपथ दिलाई जाएगी। खाद्य पदार्थों में मिलावट रोकने के लिए लगातार अभियान चलता रहेगा।- नादिर अली, अभिहित अधिकारी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग