कोरोना वायरस के बढ़ते प्रकोप के बीच आगरा में मंगलवार सुबह करीब चार बजे 55 वर्षीय किराना व्यापारी की घर में ही मौत हो गई। उन्हें बुखार था और खांसी-जुकाम भी था। परिवार के लोगों को लगा कि ये कोरोना के लक्षण हो सकते हैं।
इसलिए पूरा परिवार शव को घर में छोड़कर बाहर आ गया। पुलिस को बुलाया और फिर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी। टीम ने कोरोना जांच के लिए सैंपल लिए। तब जाकर शव को अंतिम संस्कार के लिए मोक्षधाम ले जाया गया।
पुलिस को परिवार के लोगों ने बताया कि मृत्यु का कारण हार्ट अटैक रहा। पड़ोस के एक कंपाउंडर को बुलाया गया था, उसने बताया कि उनकी सांस टूट चुकी है। उन्हें खांसी-बुखार और जुकाम भी था, इसलिए परिवार के लोगों ने एहतियात बरती।
पड़ोसियों ने की यह मांग
पड़ोस के लोगों का कहना था कि परिवार के अन्य लोगों के भी सैंपल लिए जाएं। इन्हें क्वारंटीन में रखा जाए। स्वास्थ्य विभाग की टीम ने इनसे कहा कि आप लोग भी घरों में ही रहें। मृतक के परिवार से भी होम क्वारंटीन में रहने के लिए कहा गया है।
व्यापारी के परिवार में पत्नी, मां, बेटा और बेटी हैं। थाना हरीपर्वत के प्रभारी निरीक्षक अजय कौशल ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने नमूना लिया है। शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
दुकान से कर रहे थे होम डिलीवरी: पड़ोस के लोगों ने बताया कि दो दिन पहले तक परचून व्यापारी दुकान से ही होम डिलीवरी कर रहे थे। कई लोग उनके पास भी सामान लेने के लिए जाते थे।
रिश्तेदारों ने बनाई दूरी, नहीं आए:
रिश्तेदारों ने बनाई दूरी, नहीं आए: परचून व्यापारी की मौत की सूचना पर रिश्तेदार और परिवार के अन्य सदस्य नहीं आए। माना जा रहा है कि एहतियात के तौर पर ऐसा किया होगा। पड़ोसी भी अंतिम संस्कार में शामिल नहीं हुए।
अंतिम संस्कार में आठ लोग पहुंचे: व्यापारी के अंतिम संस्कार में आठ लोग पहुंचे। मोक्षधाम से इन दिनों इतने ही लोगों को अनुमति दी जा रही है। विद्युत शव दाह में अंतिम संस्कार किया गया है।
बुखार-खांसी के कारण बुलाई टीम: व्यापारी के बेटे का कहना है कि पापा को बुखार था और खांसी-जुकाम भी था। इस कारण उन्होंने यह जरूरी समझा कि सैंपल लिए जाएं। इसके लिए पहले पुलिस को फोन किया, क्योंकि जांच टीम का मोबाइल नंबर उनके पास नहीं था।