मेट्रो कोच के अंदर और स्टेशनों की लोकेशन पर फिल्मों की शूटिंग भी हो सकेगी। दो लाख रुपये प्रति घंटे कोच में शूटिंग का किराया होगा। स्टेशनों पर आठ माह में अधिकतम आठ घंटे और साल में 12 घंटे शूटिंग की जा सकेगी। उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन ने मेट्रो शुरू होने के बाद यात्रा किराए के अलावा अन्य मदों से कमाई के रास्ते तलाश लिए हैं।
सिकंदरा से ताजमहल पूर्वी गेट तक 14 किमी के पहले कॉरीडोर में दिसंबर 2022 तक छह स्टेशन चालू हो जाएंगे। 2025 तक पूरे शहर में मेट्रो दौड़ने लगेगी। मेट्रो पर करीब 8300 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 2025 में पहले साल से ही आमदनी शुरू हो जाएगी।
यूपीएमआरसी के अधिकारी ने बताया 2025 से करीब 550 करोड़ की आमदनी का अनुमान है। इसमें 480 करोड़ रुपया यात्रियों के किराया से मिलेगा। करीब 70 करोड़ रुपये विज्ञापन, फिल्म शूटिंग, टेलीकॉम केबल लाइसेंस, पार्किंग व अन्य मदों से प्राप्त होगा। विज्ञापन व अन्य मदों के किराए में पांच से 15 फीसदी की बढ़ोतरी होगी।
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विज्ञापन व अन्य मदों में किराया की दर
- विज्ञापन पैनल, ट्रेन के अंदर व स्टेशन पर : 2000 रुपये प्रति वर्ग मीटर/प्रति माह (वृद्धि प्रतिशत हर साल की दर से)।
- कियोस्क का किराया : 614 रुपये प्रति वर्ग मीटर/प्रति माह (वृद्धि प्रतिशत हर साल की दर से)।
- पार्किंग शुल्क स्टेशन पर : छह घंटे से कम 20 रुपये, 12 घंटे से कम 30 रुपये, फिर वाहन और टाइम स्लॉट के हिसाब से (वृद्धि 15प्रतिशत हर तीन साल पर)
- फिल्म की शूटिंग : 2 लाख रुपये प्रति घंटा कोच के अंदर, स्टेशन पर आठ घंटे आठ महीने में एक बार (वृद्धि 5 प्रतिशत हर साल)।
- टेलीकॉम केबिल लाइसेंस फीस : 2000 रुपये प्रति माह पूरे ट्रैक के लिए और 50 हजार रुपये प्रति माह भूमिगत सेक्शन के लिए। (वृद्धि 10 प्रतिशत हर दो साल में)।
- टेलीकॉम टावर लाइसेंस फीस : 15 हजार रुपये प्रति माह एलिवेटेड स्टेशन के लिए। (वृद्धि 10 प्रतिशत हर दो साल में)।