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Girl Suicide Case: शोहदे करते थे ऐसी हरकतें, बेटी ने खत्म कर ली जिंदगी; पिता के इन पांच सवालों ने चौंकाया

Sat, 08 Jul 2023 12:37 PM IST
धीरेन्द्र सिंह अमर उजाला, आगरा

सार

शोहदों की हरकत से तंग आकर एक युवती ने आत्महत्या कर ली। मामले में पुलिस पर भी आरोप लगाए गए हैं। परिवार के लोगों का कहना है कि पुलिस शिकायत के बाद तत्काल कार्रवाई करती तो शायद बेटी ये कदम नहीं उठाती। 
 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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मेरी बेटी और भतीजी से शोहदों ने खींचतान की। उन्हें धमकाया व डर दिखाया। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करने में आनाकानी की। राज्य महिला आयोग में शिकायत करनी पड़ी। 48 दिन बाद मुकदमा दर्ज किया। मगर, कोई कार्रवाई नहीं हुई। तनाव में आई बेटी ने आत्महत्या कर ली। बेटी की मौत के बाद पुलिस जागी। फिर भी कार्रवाई के नाम पर खानापूर्ति की जा रही है। एक आरोपी को जेल भेजा। बाकी कब जाएंगे, यह कोई नहीं बता रहा। यह बात अवधपुरी में छेड़छाड़ से परेशान होकर आत्महत्या करने वाली युवती के पिता ने मामले की विवेचना कर रहे विवेचक से कहीं। वह बेटी की मौत से दुखी है। अब न्याय की गुहार लगा रहे हैं।

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पिता ने बताया कि शुक्रवार को छह महीने पुरानी घटना में विवेचक राजीव कुमार महिला सिपाही के साथ बयान दर्ज करने आए थे। भतीजी ने मुकदमा दर्ज कराया था। इसलिए उससे काफी देर तक पूछताछ की। बयान दर्ज करने के बाद घटनास्थल पर भी गए। मगर, अब वहां क्या मिल सकता था? घटनास्थल देखने के बाद विवेचक चले गए। पिता ने आरोप लगाया कि पुलिस समय रहते कार्रवाई करती तो आरोपियों की पहचान हो सकती थी। बेटी और भतीजी को एक जनवरी को दो युवकों ने रोका था। इसके बाद खींचतान की थी। पड़ोसी अमर सिंह की शिकायत करने पर अपहरण की धमकी देकर गए थे।
 
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बहनों का रो-रोकर बुरा हाल

बहन की मौत से बड़ी बहन बेसुध है। बृहस्पतिवार को उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। शुक्रवार को उसे छुट्टी मिल गई। तयेरी बहन का भी बुरा हाल है। वह रोये जा रही है। कह रही है कि पुलिस ने समय रहते कार्रवाई की होती तो बहन जिंदा होती। अब पुलिस कार्रवाई कर रही है।

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यह था मामला

चार जुलाई को युवती ने आत्महत्या की थी। पिता ने आरोप लगाया था कि पड़ोसी से विवाद चल रहा है। एक जनवरी को बेटी और भतीजी को रास्ते में रोका गया था। उनसे दो युवकों ने अभद्रता की थी। पुलिस ने मुकदमा 17 फरवरी को लिखा। थाने चौकी के चक्कर काटे, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस ने बयान तक नहीं लिखे। इससे परेशान बेटी ने आत्महत्या कर ली। मामले में अमर सिंह, प्रवेंद्र और डिंपल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया। पुलिस ने प्रवेंद्र को जेल भेज दिया। मामले में विवेचक दीपक चौधरी को लाइन हाजिर किया गया था।

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पिता के ये पांच सवाल

- विवेचक ने 17 फरवरी को दर्ज हुए मुकदमे की विवेचना में लापरवाही क्यों बरती? उसका निलंबन क्यों नहीं किया गया?
- घटना 1 जनवरी को हुई थी। बेटी की मौत के बाद पुलिस पुराने मुकदमे में विवेचना कर रही है? घटनास्थल पर गई। अब अब क्या मिलेगा?
- पुलिस आरोपियों पहचान कैसे करेगी? वह चेहरा छिपाकर आए थे। बेटियों को धमका गए थे? इतने पुराने कोई सीसीटीवी फुटेज मिलना आसान नहीं है।
- दो आरोपी अभी नहीं पकड़े गए। वह घर से चले गए हैं। वह कब पकड़े जाएंगे।
- पर्यवेक्षण में लापरवाही बरती गई। पर्यवेक्षक पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?
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