एक जुलाई से प्रस्तावित जीएसटी में जूता और इसके कच्चे माल, सोल, कंपोनेंट पर भारी टैक्स दरों के विरोध में जूता व्यापारियों ने शनिवार को बाजार बंद रखा। हींग की मंडी, धाकरान चौराहा, एमजी रोड, सदर भट्टी, मंटोला, ढोलीखार, कलेक्ट्रेट के पास जूते के थोक और खुदरा प्रतिष्ठान बंद रखे।
व्यापारियों ने हींग की मंडी के रॉक्सी सिनेमा से धाकरान चौराहा स्थित नाथ कांप्लेक्स तक शांति मार्च निकालकर टैक्स दरें वापस लेने की मांग की। कारोबारियों ने एक दिन की इस हड़ताल को तीन दिन और बढ़ाकर अब 27 जून तक कर दिया है।
आगरा शू फैक्टर्स फेडरेशन के अध्यक्ष गागन दास रामानी की अगुवाई में व्यापारियों ने फेडरेशन के हींग की मंडी स्थित कार्यालय पर नारेबाजी की। अध्यक्ष गागन दास रामानी ने कहा कि जूता कुटीर उद्योग है। जीएसटी में 500 रुपये तक जूता करमुक्त और अमिट छाप की बाध्यता खत्म की जाए।
वित्त राज्यमंत्री से एक हजार रुपये के जूते पर 12 फीसदी दर करने की मांग की गई है। इस दौरान मोहन लाल कश्यप, दिलीप खूबचंदानी, शोभाराम पुरसनानी, चांद दीवान, घनश्याम दास, जय किशन, जोगिंद लूथरा, राजेंद्र कुमार, श्याम पुंडीर, एमएस कपूर, सुखदेव गिडवानी, घनश्याम रोहड़ा, योगेश महाजन, कन्हैया लाल राठौर, लाल सिंह वर्मा, प्रमोद गुप्ता, रोहित ग्रोवर आदि मौजूद रहे।