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सपा-बसपा के गठबंधन पर शिवपाल की नजर, बिछाई बिसात, मौके का इंतजार

Tue, 15 Jan 2019 04:28 PM IST
दुष्यंत शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, आगरा
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फाइल फोटो
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आगरा में सपा-बसपा का गठबंधन चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे तमाम दावेदारों की उम्मीद पर पानी फेर सकता है। प्रगतिशील समाजवादी पार्टी ने इन्हीं पर निगाह गढ़ा दी है। टिकट न मिलने की स्थिति में सपा से बगावत करने वालों पर डोरे डालने की तैयारी है। इनमें कद्दावर दावेदारों को प्रसपा अपना उम्मीदवार बना सकती है। 

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कांग्रेस की तरह से प्रगतिशील समाजवादी पार्टी भी प्रदेश की सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारने की तैयारी में है। मैनपुरी सीट को छोड़कर, क्योंकि इस सीट से मुलायम सिंह यादव चुनाव लड़ सकते हैं। 

फतेहपुर सीकरी सीट के लिए मीनाक्षी सिंह ने तो प्रत्याशी के लिए आवेदन भी कर दिया है। मगर, प्रसपा अभी से किसी को हरी झंडी नहीं दे रही। दरअसल, प्रसपा, सपा से बगावत करने वाले के इंतजार में है। 

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दावेदारों को लग सकता है झटका

कई सीटों पर सपा के दावेदार लंबे समय से चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। मगर, गठबंधन के बाद बहुत सी सीटें बसपा के खाते में चली जाएंगी। इससे सपाई दावेदारों को झटका लग सकता है। इनमें आगरा और फतेहपुर सीकरी लोकसभा सीट दोनों शामिल हैं। 

यहां पर सपाई अब चुनाव लड़ते आए हैं। ये दोनों ही सीटें बसपा के खाते में जाने की संभावना है। ऐसी तमाम और सीटें हैं, जो बसपा में कोटे में जाएंगी। इससे इन सीटों पर कुछ सपाई पार्टी से बगावत कर सकते हैं। प्रसपा इन्हीं पर अपनी नजरें गढ़ाए बैठी है।

चुनाव चिन्ह चॉबी मिलने पर बांटी मिठाई

वहीं गतिशील समाजवादी पार्टी को चुनाव चिन्ह मिल गया है। चुनाव आयोग ने सोमवार को ही पार्टी को चॉबी चुनाव चिन्ह दिया। इस पर प्रसपाइयों ने खुशी का इजहार किया। आतिशबाजी कर मिठाई बांटी। 

प्रसपा मैनपुरी को छोड़ सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी में है। सपा-बसपा गठबंधन से दोनों पार्टियों को नुकसान होगा। सपा को ज्यादा नुकसान है। उसके तमाम लोग हमारे नेताओं के संपर्क में हैं।
- नितिन कोहली, प्रदेश अध्यक्ष, लोहिया वाहिनी (प्रसपा)
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