बार-बार असफल होने के बावजूद शिवम यादव ने हार नहीं मानी और आखिरकार 14वीं बार के प्रयास में सफलता हासिल की। शिवम की बहन अलीशा यादव सेना की नर्सिंग में कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं।
भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट से कमीशन प्राप्त करने के बाद घर वापस लौटे शिवम यादव का स्थानीय लोगों के द्वारा भव्य स्वागत किया गया। शिवम यादव का परिवार मलपुरा क्षेत्र की सैंथिया स्टेट कॉलोनी में 6 साल से रहता है। अपने जीवन में पिता से प्रेरणा लेकर सेना में अधिकारी बनने का सपना लिए शिवम यादव ने कड़ी मेहनत और लगन से पढ़ाई की। 13 बार लगातार असफल होने के बावजूद आखिरकार 14वीं बार में थल सेना में सैन्य अधिकारी बनकर कमाल कर दिया।
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उन्होंने बताया कि 13वें प्रयास में एयर फोर्स में चयन हुआ था, लेकिन थल सेवा में अधिकारी बनना उनका सपना था। इसलिए उन्होंने जॉइन नहीं की। शिवम यादव ने 10वीं तक की पढ़ाई आर्मी पब्लिक स्कूल और इंटरमीडिएट की पढ़ाई मिल्टन पब्लिक स्कूल से पूरी की है। उन्होंने आगरा कॉलेज से ग्रेजुएशन और बीएड के साथ एनसीसी कैडेट रहे। शिवम यादव 7 सितंबर को ऑफिसर्स ट्रेनिंग अकादमी चेन्नई से पासिंग आउट परेड शामिल हुए थे।
लेफ्टिनेंट शिवम यादव के पिता सूबेदार मेजर जगवीर सिंह और बहन अलीशा यादव सेना की नर्सिंग में कैप्टन के पद पर कार्यरत हैं। शिवम यादव के सेवा में लेफ्टिनेंट बनने पर कॉलोनी सहित क्षेत्र में खुशी का माहौल है। इस दौरान उनका ग्वालियर हाईवे पर खुली जीप में बैठकर बैंड बाजा के साथ भव्य स्वागत किया गया।