औरंगजेब की कैद से छत्रपति शिवाजी महाराज के आगरा से निकलने की ऐतिहासिक गाथा रविवार को फिर जीवंत हो उठी। आगरा कॉलेज के गंगाधर शास्त्री भवन में आयोजित शिव चातुर्य दिवस कार्यक्रम में महाराष्ट्र से आए कलाकारों ने युद्धकला और नाट्य प्रस्तुति के जरिए शिवाजी महाराज के शौर्य को मंच पर उतार दिया।
कार्यक्रम में छत्रपति शिवाजी के सेनापतियों के 14वें वंशजों समेत महाराष्ट्र से आए 100 सदस्यीय दल ने सहभागिता की। शुभारंभ उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय, महाराष्ट्र सरकार के कैबिनेट मंत्री भरत सेठ गोगावले, मंत्री एवं छत्रपति शिवाजी महाराज स्मारक आगरा के समन्वयक जयकुमार रावल, शिवसेना प्रमुख जुन्नार महाराष्ट्र योगेश बाबू पाटे, आगरा कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सीके गौतम और एमटीडीसी के निदेशक नीलेश गटनी ने किया।
कैबिनेट मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि पिछली सरकारों में हिंदू शासकों और उनके साम्राज्यों की शौर्यगाथाओं को पर्याप्त स्थान नहीं मिला। बताया कि कोठी मीना बाजार स्थित राम सिंह की कोठी को संग्रहालय और स्मारक के रूप में विकसित किया जा रहा है। यहां 100 फुट ऊंची छत्रपति शिवाजी महाराज की प्रतिमा भी प्रस्तावित है। इसके लिए प्रदेश सरकार ने नौ करोड़ रुपये की धनराशि जिला प्रशासन को उपलब्ध कराई है।
कार्यक्रम में डॉ. वात्सल्य उपाध्याय, डॉ. सिमरन उपाध्याय, विजय गोयल, केके भारद्वाद, दीप विनायक पटेल, एडवोकेट मंगल सिंह, विकास सिंह, करण सिंह धाकड़, देवेश पचौरी, राजेश प्रजापति, ललित शर्मा समेत बड़ी संख्या में पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
चार राज्यों के 78 शहरों से गुजरेगी गरुड़ झेप यात्रा
गरुड़ झेप मुहिम के तहत आगरा से राजगढ़ तक 1,253 किलोमीटर लंबी यात्रा निकाली जा रही है। यात्रा चार राज्यों के 78 शहरों से होकर गुजरेगी। इसमें करीब 1000 धावक और 100 साइकिल सवार शामिल होंगे। कार्यक्रम के दौरान गरुड़ झेप पुस्तक और पोर्टल का विमोचन भी किया गया। यात्रा संयोजक मारुति आभा गोले ने बताया कि पहली बार यात्रा पूरी करने में 35 दिन लगे थे।
एक साथ 72 किरदार निभाकर चौंकाया
कार्यक्रम में गोवा ओमिडा डांस एवं फिटनेस एकेडमी के कलाकारों ने शिव शौर्य नाटक प्रस्तुत किया। पुणे के संगीतकार विनायक सोनावने ने हलगी वादन के जरिए पारंपरिक कला की झलक दिखाई। कलाकार शायली जोशी गोडबोले ने एक साथ 72 अलग-अलग किरदारों की जीवंत किया। राष्ट्रमाता जीजाबाई, छत्रपति शिवाजी व उनके सेनापति और अन्य ऐतिहासिक पात्रों के किरदार पर नाट्य प्रस्तुति दी।