आगरा में शिक्षामित्रों के आंदोलन का सीधा असर प्राथमिक स्कूलों के संचालन पर पड़ रहा है। आंदोलन में शामिल शिक्षामित्र स्कूलों में नहीं पहुंच रहे, इससे करीब 250 स्कूलों में ताले लग गए हैं। पठन-पाठन का कार्य ठप हो गया है। हालांकि विभाग का कहना है कि वैकल्पिक व्यवस्थाएं की जा रही हैं।
शिक्षामित्रों के दूसरे चरण का आंदोलन 16 अगस्त से शुरू हुआ। पहले दिन शिक्षामित्रों ने जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान में सांकेतिक धरना दिया। 17 अगस्त से सत्याग्रह शुरू किया गया है। शिक्षामित्र स्कूलों में पढ़ाने नहीं जा रहे हैं। अधिकतर सत्याग्रह में पहुंच रहे हैं।
बेसिक शिक्षा विभाग के आंकड़े के मुताबिक शिक्षामित्रों के स्कूल न जाने से करीब 250 स्कूलों में पढ़ाई बिलकुल बंद हो गई है। तमाम स्कूलों में एक ही शिक्षक बचे हैं। परिषदीय स्कूलों में नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है।
अभी तक सारे विद्यार्थियों तक किताबें नहीं पहुंची है। पढ़ाई का माहौल बनता इसी बीच शिक्षामित्रों का आंदोलन शुरू हो गया है। बड़ी संख्या में विद्यालय शिक्षामित्रों के भरोसे चल रहे थे। समायोजित शिक्षामित्रों को एकल और बंद विद्यालयों में ही तैनाती दी गई थी। अब उनके स्कूल न जाने से विद्यालयों में ताले लग गए हैं।
बेसिक शिक्षा अधिकारी अर्चना गुप्ता ने बताया कि करीब 250 स्कूलों के बंद होने की सूचना दी गई है। इनमें दूसरे परिषदीय स्कूलों से शिक्षक संबद्ध किए जाएंगे। जिले में शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया भी शनिवार से शुरू हो रही है। बंद स्कूलों को खोलना प्राथमिकता रहेगी।
शिक्षामित्रों ने प्रदर्शन किया
- फोटो : अमर उजाला
शिक्षामित्रों का सत्याग्रह आगरा के डायट परिसर में शुक्रवार को भी जारी रहा। क्रमिक अनशन पर बैठने वालों की संख्या 21 से 71 हो गई। अनशन पर बैठी शिक्षामित्र खेरागढ़ ब्लाक में तैनात रेनूबाला शाम को बेहोश हो गई। एसएन मेडिकल कालेज में शिक्षामित्रों और डाक्टरों के बीच झड़प भी हुई।
उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षा मित्र संघ के अध्यक्ष वीरेंद्र छौंकर के मुताबिक जिला प्रशासन और सीएमओ को क्रमिक अनशन की जानकारी दी गई है। फिर भी कोई टीम स्वास्थ्य परीक्षण के लिए नहीं पहुंची। शिक्षामित्र के बेहोश पर फोन करने के बाद भी एंबुलेंस नहीं पहुंचीं।
शिक्षामित्र को निजी वाहन से एसएन मेडिकल कालेज ले जाया गया। संघ के अध्यक्ष का आरोप है कि यहां डाक्टरों ने इलाज नहीं किया और शिक्षामित्रों के साथ अभद्रता की। शिक्षामित्रों ने एसएन परिसर में विरोध प्रदर्शन भी किया गया। शिक्षा मित्र, रेनूबाला को सूरसदन के पास स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया।
एसएन मेडिकल कालेज के प्रमुख अधीक्षक डा. अजय अग्रवाल का कहना है कि मरीज को भर्ती कर इलाज शुरू कर दिया गया था। करीब 30 से 40 शिक्षामित्र चिकित्सा कक्ष में पहुंच गए। डाक्टर मरीज का ईसीजी कर रहे थे, इस दौरान शिक्षामित्र फोन पर रिकार्डिंग करने लगे। डाक्टरों के रोकने पर अभद्रता करने लगे और मरीज को ले गए।