फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

मानदेय न मिलने से परेशान शिक्षामित्र ने की खुदकुशी, कमरे में फंदे से लटका मिला शव

Sat, 10 Nov 2018 10:47 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला आगरा
विज्ञापन
प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन
आगरा में आर्थिक तंगी से जूझ रहे शिक्षामित्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार को उनका शव कमरे में फंदे से लटका मिला। परिवार वालों का कहना है कि उन्हें तीन माह से मानदेय नहीं मिला था। इससे वो तनाव में थे। 
विज्ञापन


अछनेरा क्षेत्र के गांव फतेहापुरा निवासी राजेंद्र सिंह 2014 में शिक्षामित्र से प्राथमिक विद्यालय में शिक्षक बने थे, तब उनके परिवार में खुशियां आईं थी। जुलाई 2017 में वो फिर से शिक्षामित्र बना दिए गए।   

जब शिक्षक थे तो उस समय उनका वेतनमान 39 हजार प्रति माह से ज्यादा था, शिक्षा मित्र बने तो मानदेय सिर्फ 10 हजार रुपये प्रति माह रह गया। इसके बाद भी जैसे-तैसे जिंदगी की गाड़ी खींच रहे थे। इस पर भी मानदेय नहीं मिला तो हिम्मत जवाब दे गई। 
विज्ञापन
विज्ञापन

त्योहार पर खाली थी जेब

परिजनों का कहना है कि दिवाली पर जेब खाली होने से वह परेशान थे। इसी से तनाव में आए। गोवर्धन पूजा के बाद वो कमरे में गए और आत्महत्या कर ली। उनके कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी थी। तीन पुत्रियां, एक पुत्र, पत्नी तथा बूढे़ मां-बाप हैं। 

राजेंद्र सिंह को सन 2004 में प्राथमिक विद्यालय फतेहपुरा में शिक्षामित्र के पद पर नियुक्ति मिली थी। सन 2014 में समायोजन के बाद दो अगस्त को प्रथम बैच में विकास खंड फतेहाबाद में शिक्षक पद पर समायोजित हुए थे। 

जुलाई 2017 में फिर से शिक्षा मित्र बने। शिक्षा मित्रों को मूल विद्यालय वापस किए जाने पर इसी साल अगस्त में पुन: अपने पूर्व के विद्यालय में लौटकर शिक्षामित्र के रूप में शिक्षण कार्य कर रहे थे। उनकी मौत से परिजनों को रो रोकर बुरा हाल था। 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें