बाह के अटेर में शनिवार को मगरमच्छ ने एक चरवाहे की जान ले ली। बकरी चराने के दौरान चरवाहा घाट पर पानी पी रहा था, उसी समय मगरमच्छ ने उस पर हमला किया और नदीं में खींच ले गया।
आगरा जिले के बाह में नंदगवा घाट के दूसरी ओर चंबल नदी के अटेर घाट पर शनिवार को दर्दनाक घटना हुई। हैचिंग पीरियड में हमलावर होने के चलते शनिवार को नदी किनारे पानी पी रहे चरवाहे को मगरमच्छ ने दबोच लिया। वह चरवाहे को नदी में खींच ले गया। चीखपुकार सुनकर पहुंचे अन्य चरवाहों ने किसी प्रकार उसे मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
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अटेर में अकोन गांव निवासी भीमसेन (52) बकरियां चरा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्यास बुझाने के लिए वह नदी किनारे बैठकर पानी पी रहे थे। इसी दौरान मगरमच्छ ने हमला कर दिया और नदी में खींचकर ले गया। चीखपुकार पर एकजुट हुए चरवाहों ने किसी तरह भीमसेन को मगरमच्छ के चंगुल से छुड़ाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
इसलिए हमलावर हो रहे मगरमच्छ
इस समय चंबल नदी में घड़ियालों व मगरमच्छों का हैचिंग पीरियड चल रहा है। वन विभाग ने इसे लेकर अलर्ट जारी किया है। अप्रैल में मादा मगरमच्छ ने चंबल की बालू पर अंडे दिये थे। हैचिंग को लेकर नदी से बालू पर शिशु मगरमच्छ निकलने लगे हैं। नेस्ट को नुकसान पहुंचाने के अंदेशे में मगरमच्छ हमलावर हो जाते हैं।
2 - दो मई को अनिल (12) पुत्र छोटे लाल निवासी उसैथ
3 - 12 मई को शालू (14) पुत्री जगपति निवासी खेड़ा अजब सिंह
4 - 14 मई को मयंक (14) पुत्र विनोद सिंह की निवासी विचपरी
5 - सात जून को सुनील (14) पुत्र नेकराम निवासी जगड़पुरा