मरीजों से बात करते डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक।
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रोगी कल्याण निधि में 30 लाख रुपये धनराशि होने के बाद भी खर्च नहीं किया जा रहा है। मरीजों और उनके तीमारदारों को सुविधाएं नहीं मिल पा रही हैं। तीमारदारों के लिए शेल्टर होम, बैठने की उचित व्यवस्था और ठंड से बचाव के लिए आवश्यक इंतजाम होने चाहिए। जिला अस्पताल-लेडी लायल में शेल्टर होम की सुविधा दी जाए। बुधवार को आगरा आए उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अर्जुन नगर स्थित नगरीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के बाद ये निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने निरीक्षण के बाद मरीजों व तीमारदारों से इलाज और सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। दवाओं के स्टॉक, मरीजों की प्रतिदिन दर्ज संख्या सहित सभी अभिलेखों का मिलान किया। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि प्रतिदिन 50–60 मरीज यहां उपचार के लिए आते हैं। दवाओं का भंडार सही पाया गया।
निरीक्षण के बाद सभी एमओआईसी के साथ समीक्षा बैठक की गई, जिसमें उप मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि सभी चिकित्सक समय से सीएचसी व पीएचसी पर मौजूद रहें। उसके बाद ही क्षेत्र भ्रमण करें। उन्होंने अस्पतालों में डॉक्टरों की उपलब्धता, ऑपरेशन थिएटर, सिजेरियन सुविधा, जनरेटर व्यवस्था सहित सभी बिंदुओं की रिपोर्ट ली।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी दवाएं उपलब्ध करा रही है, इसलिए मरीजों को बाहरी दवाएं न लिखी जाएं। उन्होंने जिला अस्पताल की क्रिटिकल यूनिट की स्थिति पर भी जानकारी ली। लापरवाही पर संबंधित को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। इसके बाद उन्होंने प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत टीबी मरीजों को पोषण पोटली वितरित की।
इस दौरान एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. प्रशांत गुप्ता, सीएमएस डॉ. राजेंद्र कुमार, एडीएम अजय नारायण सिंह, डीपीएम डॉ. कुलदीप भारद्वाज सहित सभी डॉक्टर और स्टाफ मौजूद रहा।