पशु मरने के बाद परेशान पशुपालकों के यहां जुटी भीड़
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बरहन कस्बे में पशु पालकों की बकरियां हर रोज मर रही हैं। गुरुवार को भी छह बकरियां मर गईं। एक पखवाड़े के भीतर 62 बकरी और एक भेड़ मरने के बाद ग्रामीणों ने पशु चिकित्साधिकारी को सूचना दी। इस पर पशु चिकित्सकों ने मृत बकरियों का पोस्टमार्टम कराया। इसमें निमोनिया से मौत होना पाया गया है।
बरहन में 10-12 परिवार बकरी और भेड़ पालन करते हैं। वह सुबह बकरियों और भेड़ों को खेतों में चराने ले जाते हैं। पशु पालक विनोद ने बताया कि उसकी छह बकरियां गुरुवार को मर गईं।
इसके पहले इसी पखवाड़े में संजू वाल्मीकि, राकेश सिंह, पुरुषोत्तम, धर्मपाल, मोहर सिंह, लालू, रामवीर, गुलाब की 62 बकरियां और एक भेड़ मर चुकी है। ग्रामीणों ने संक्रामक रोग फैलने की जानकारी पशुपालन विभाग के अधिकारियों को दी।