मैनपुरी। पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह के हस्तक्षेप के बाद आखिरकार श्रीदेेेवी मेला (शीतला मंदिर) में 40 साल पुरानी परंपरा टूटने से बच गई। मंत्री से हुई बात के बाद शनिवार को रात में ही डीएम समेत अन्य अधिकारी पहुंचे और शतचंडी यज्ञ शुरू कराया। रविवार को विधि विधान से अधिकारियों और समिति के सदस्यों की मौजूदगी में यज्ञ चलता रहा।
शहर के सिद्घपीठ शीतला माता मंदिर में बीते 40 साल से चैत्र शुक्ल प्रतिपदा को शतचंडी यज्ञ का आयोजन कराया जाता है। आयोजन जिलाधिकारी/अध्यक्ष श्री देवी मेला प्रदर्शनी और एसडीएम सदर/सचिव श्री देेवी मेला प्रदर्शनी द्वारा समिति के सदस्यों की मौजूदगी में कराया जाता है। पहली बार शनिवार को ये यज्ञ नहीं कराया गया। समिति के सदस्यों ने जब इसका विरोध किया तो बात पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह तक पहुंची। उन्होंने तत्काल जिलाधिकारी अविनाश कृष्ण सिंह से बात की। इसके बाद रात साढ़े नौ बजे डीएम और एसडीएम नवोदिता शर्मा समिति के सदस्य आलोक गुप्ता आदि के साथ मंदिर पहुंचे और शतचंडी यज्ञ शुरू कराया। हालांकि रात को यज्ञ केवल औपचारिकता तक ही सीमित रहा।
रविवार को दोपहर में फिर एक बार डीएम और एसडीएम समेत समिति के सदस्य मंदिर पहुंचे। उन्होंने शतचंडी यज्ञ में प्रतिभाग कर सुख और समृद्घि के लिए कामना की। नवरात्र के दौरान ये यज्ञ जारी रहेगा। यज्ञ में भाजपा जिलाध्यक्ष प्रदीप चौहान, सीडीओ विनोद कुमार, एडीएम राम जी मिश्र, एएसपी मधुबन कुमार सिंह ने भी आहूतियां दीं। एसडीएम का कहना है कि मुहूर्त को लेकर यज्ञ नहीं कराया गया था।
रात में यज्ञ रहा चर्चा का विषय
पर्यटन मंत्री के हस्तक्षेप के बाद रात में यज्ञ तो शुरू हो गया, लेकिन लोगों के बीच इसकी चर्चा रही। दरअसल लोगों का कहना है कि सनातन संस्कृति के अनुसार सूर्यास्त के बाद यज्ञ करना सही नहीं है। वहीं उनका तर्क ये भी रहा कि हर बार सुबह ही प्रतिपदा को यज्ञ होता था। प्रशासन इस मामले पर चुप्पी साधे रहा।