शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती
- फोटो : अमर उजाला
द्वारकापीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने देश के आर्थिक हालत और किसान आंदोलन पर खिंचाई करते हुए कहा कि सरकार को उचित कदम उठाने चाहिए। उन्होंने कहा कि अयोध्या में श्रीराम का मंदिर नहीं विश्व हिंदू परिषद का कार्यालय बन रहा है।
मंगलवार को उड़िया आश्रम में मीडिया से वार्ता करते हुए स्वामी स्वरूपानंद ने किसान आंदोलन को किसानों की आवश्यकता बताते हुए कहा कि सरकार को सहानुभूति पूर्वक इस पर विचार करते हुए तीनों कृषि कानूनों को रद्द करना चाहिए। देश में किसानों की स्थिति पूर्व से ही चिंताजनक है। उन्हीं चिंताओं के कारण किसान को आंदोलन का रास्ता अपना पड़ा है।
ऐसे में सरकार को चाहिए कि किसानों से वार्ता कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। उन्होंने देश में आर्थिक स्थिति पर भी चिंता जाहिर करते हुए कहा कि हालत निरंतर बिगड़ रही है। देश में महंगाई बढ़ रही है। रोजगार की स्थिति खराब हो रही है। सरकार तमाशबीन की स्थिति में बनी हुई है। उन्होंने अयोध्या में बन रहे श्रीराम मंदिर को विश्व हिंदू परिषद का कार्यालय बताया।