फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

UP: 'लोकसभा-विधानसभा में अच्छे नहीं लगते भगवाधारी'...जगदगुरु शंकराचार्य बोले- भगवा पहनकर चुनाव लड़ना बना फैशन

Fri, 16 Jan 2026 01:21 PM IST
अरुन पाराशर संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा

सार

उत्तर प्रदेश के आगरा में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के कार्यालय के लोकार्पण समारोह में शामिल होने आए जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने भगवा कपड़े पहनकर चुनाव लड़ने वालों पर तीखी टिप्पणी की।  कहा कि जब एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी चुनाव लड़ने के लिए नौकरी छोड़नी पड़ती है तो भगवा धारण करने वालों को भी चुनाव के लिए ऐसा ही करना चाहिए। 
 
विज्ञापन
आगरा में माधव भवन का लोकार्पण। - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

आगरा में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के जयपुर हाउस स्थित ब्रज प्रांत कार्यालय माधव भवन के पुनर्निर्मित भवन का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम में जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज, सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल आदि शामिल हुए।
विज्ञापन


इस अवसर पर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने भगवा कपड़े पहनकर चुनाव लड़ने वालों पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि लोकसभा-विधानसभा में बैठे भगवाधारी अच्छे नहीं लगते। कहा कि भगवा पहनकर चुनाव लड़ना फैशन बन गया है। मुझे बैंक और रजिस्ट्री कार्यालय की लाइन व विधानसभा-लोकसभा में भगवा कपड़े पहने लोग देखकर शर्म आती है। जब एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को भी चुनाव लड़ने के लिए नौकरी छोड़नी पड़ती है तो भगवा धारण करने वालों को भी चुनाव के लिए ऐसा ही करना चाहिए। उन्होंने संघ से भाजपा में गए लोगों को भी हवा लग गई है। इस दौरान उन्होंने उत्तराखंड की पूर्व राज्यपाल और यूपी सरकार में मंत्री बेबी रानी मौर्य को आशीर्वाद देते हुए कहा कि वो और कुछ बड़ी बनें। 

मुख्य वक्ता सह सरकार्यवाह डॉ. कृष्ण गोपाल ने कहा कि एक हजार साल के दौरान आगरा और आसपास हुए गौरवशाली कार्याें और इतिहास को लोग भूलते जा रहे हैं। छत्रपति शिवाजी महाराज, गोकुलाजाट एवं राणा सांगा की याद में स्मारक और म्यूजियम निर्माण कराए जाएं जिससे पर्यटकों को ताजमहल के साथ-साथ देश के गौरवशाली इतिहास से भी रूबरू कराया जा सके। 
विज्ञापन


 

सह सरकार्यवाह ने कहा कि आगरा के लोग ही अपने गौरवशाली इतिहास को भूलते जा रहे हैं। अपनी चतुराई और रणनीतिक कार्यशैली से छत्रपति शिवाजी आगरा से औरंगजेब की कैद से मुक्त हुए। यह घटना पूरे विश्व के लिए यह एक शोध का विषय है, लेकिन हम उसे एक स्मारक के रूप में आगे नहीं बढ़ा पा रहे। उन्होंने फव्वारा चौराहे स्थित कोतवाली पर गोकुलाजाट और फतेहपुर सीकरी में राणा सांगा के क्रूर मुगल बादशाह के साथ हुए युद्ध में धर्म की रक्षा के लिए दी गई प्राणों की आहुति का स्मरण कराया।

कहा कि आगरा के निकट वृंदावन, गोकुल, गोवर्धन के भक्ति आंदोलन के जरिये वहां के साधु-संतों और सनातनियों ने जो बलिदान दिया है, उसे भी हम लोग समाज के समक्ष प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत नहीं कर पा रहे हैं। माधव भवन में ऐसी शोध की व्यवस्था होगी जो उस कालखंड के दस्तावेजों को सुरक्षित करे। साथ ही वर्तमान समाज के सामने बलिदान और गौरवशाली इतिहास को बाहर निकालने का काम करे।

 
विज्ञापन

कार्यक्रम के दौरान शारदा पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य स्वामी राजराजेश्वराश्रम महाराज ने कहा कि संघ पर राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठने वाले प्रश्नों का उत्तर भावनात्मक नहीं, बौद्धिक स्तर से दिया जाना चाहिए। इस काम को करने के लिए माधव भवन को हवा महल जैसा हवा खाने का केंद्र नहीं बल्कि ऐसा केंद्र बनना चाहिए जहां अध्ययनशील कार्यकर्ता समाज को प्रभावी बौद्धिक उत्तर दे सकें। ज्ञानवान कार्यकर्ता ही विधर्मियों को करारा उत्तर दे सकते हैं क्योंकि चिंतन केवल सनातन के पास है। दूसरे धर्म तो अनावश्यक विमर्श खड़ा करने में माहिर हैं।

इस अवसर पर अखिल भारतीय संपर्क प्रमुख रामलाल, अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य डॉ. दिनेश, अखिल भारतीय गोसंयोजक अजीत महापात्रा, अखिल भारतीय शारीरिक प्रमुख जगदीश प्रसाद के अलावा राकेश जैन, दिनेश उपाध्याय मौजूद रहे। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रशांत गुप्ता ने किया। परिचय केशव शर्मा ने कराया और धन्यवाद ज्ञापन विजय गोयल ने दिया।


http://
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें