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दस लाख नहीं शैलेंद्र ने करोड़ों डकारे

Sun, 03 May 2015 02:06 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला
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दो पुलिसवालों को दस लाख का चूना लगाने वाले सपा नेता शैलेंद्र की जालसाजी का शिकार उद्योगपतियों से लेकर रिटायर्ड डीआईजी तक हुए। बताया जा रहा है कि उसने सैकड़ों लोगों को जाल में फंसाया और उनके करोड़ों डकार गया। उसे शनिवार को सीजेएम कोर्ट ने 15 मई तक न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया। शैलेंद्र को शुक्रवार आधी रात विभव नगर स्थित किराये के आलीशान फ्लैट से डीआईजी की स्पेशल टीम ने गिरफ्तार किया था। इसके बाद से ताजगंज थाने में पीड़ित व्यवसायियों का तांता लग गया।
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तलाशी में उसके फ्लैट से चार हार्ड डिस्क, कंप्यूटर, दो मोबाइल, कई सिम, आईपैड आदि बरामद हुए। जीआरपी में तैनात एसआई विजय सिंह चक की पत्नी श्वेता सिंह उर्फ रंजीता सिंह ने शैलेंद्र के खिलाफ ताजगंज थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। दर्ज एफआईआर में उन्होंने कहा है कि शैलेंद्र ने उन्हें बताया था कि वह आलू का बड़ा कारोबारी है। आगरा, मथुरा, छिबरामऊ, फर्रुखाबाद में उसके कोल्ड स्टोर हैं। व्यापार में कई पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों ने पैसा लगा होने की बात कहते हुए उसने 35 फीसदी प्रतिवर्ष लाभ होने का झांसा दिया था। उन्होंने भरोसा करके पांच लाख रुपये जुटाकर उसे दे दिए। विजय सिंह के मित्र एसआई धीरजपाल ने भी कर्ज लेकर पांच लाख रुपये उसे दिए। शैलेंद्र ने जब पैसा व्यापार में नहीं लगाया तो उन्होंने वापस मांगा। इस पर उसने डीजीपी के सीयूजी नंबर से कॉल करके धमकी दी।

श्वेता ने बताया कि उनके अलावा एक रिटायर्ड डीआईजी, एसआई लक्ष्मण सिंह, यशपाल सिंह, जितेंद्र दीखित, छोटेलाल, कामता प्रसाद, दुष्यंत तिवारी और आरक्षी असित कुमार से भी शैलेंद्र ने काफी पैसा हड़पा है। इस मामले में शैलेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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शहर के व्यापारियों के करोड़ों फंसे
24 घंटे सुरक्षा में रहने वाला शैलेंद्र लोगों से बताता था कि वह मुख्यमंत्री का क्लासमेट रहा है। उसके इसी तड़क-भड़क वाले रहन-सहन से लोग झांसे में आ जाते थे। वह मिड डे मील की पंजीरी का प्लांट लगाने, आलू व वारदाना ट्रेडिंग आदि में निवेश के नाम पर शहर के कई व्यापारियों से करोड़ों रुपये ले चुका है। केदार नगर के रवि बंसल, विनय बंसल का कोल्ड स्टोर है। उन्होंने बताया कि तकरीबन 20 करोड़ रुपये शैलेंद्र पर फंसा हुआ है। पेट्रोल पंप व्यवसायी मनोज गोयल के मुताबिक उनके भी करोड़ों का बकाया हैं। शाम को दो और पीड़ित डीआईजी कार्यालय पहुंचे। एक व्यवसायी के 6.50 करोड़ रुपये, त्रिवेणी देवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय के प्रबंधक के दस लाख रुपये, वीरी सिंह के दस लाख रुपये शैलेंद्र पर हैं। ये सभी पीड़ित डीआईजी लक्ष्मी सिंह से मिले। बताते हैं कि शहर के तीन सौ से अधिक लोगों का करोड़ों रुपये शैलेंद्र अग्रवाल पर है। 
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