पाकिस्तान ने शनिवार को सीजफायर का उल्लंघन करते हुए कुपवाड़ा जिले के केरन सेक्टर में गोलीबारी की। पाकिस्तानी सेना की ओर से मशीन गन से फायरिंग की गई और मोर्टार दागे गए। इसमें आगरा के बाह के क्वारी गांव का निवासी सेना का बहादुर जवान हर्षित सिंह भदौरिया (23) शहीद हो गए। एक अन्य जवान घायल हुआ है। भारतीय सेना ने पाक गोलीबारी का मुंहतोड़ जवाब दिया। इससे पहले नौ नवंबर को कुपवाड़ा के ही मच्छेल सेक्टर में पाकिस्तान के स्नाइपर शॉट से जवान सतनाम सिंह शहीद हो गए था।
हर्षित के पिता राजकुमार भदौरिया राजस्थान के बांसवाड़ा में कपड़ा मिल में काम करते हैं। मां ज्योति सिंह निजी स्कूल में प्रधानाचार्य हैं। हर्षित इनका इकलौता बेटा था। ये लोग मूल रूप से क्वारी गांव (बाह के पास) के हैं लेकिन काफी समय से बांसवाड़ा में ही रह रहे हैं।
हर्षित 2014 में राजपूत रेजीमेंट में भर्ती हुए थे। पहली पोस्टिंग पंजाब के भटिंडा में हुई थी। इन दिनों कुपवाड़ा में तैनात थे। शुक्रवार की रात कुपवाड़ा के पास पेट्रोलिंग कर रहे थे तभी सीमा पार से मोर्टार से हमला हुआ। इसमें वह वीरगति को प्राप्त हुए। उन्हें क्वारी गांव में लोग मुकेश कहकर बुलाते थे। उनकी शहादत की खबर आते ही पूरे गांव में शोक की लहर है। परिवार के लोग जम्मू कश्मीर के लिए रवाना हो गए।
हर्षित की कुर्बानी का पाकिस्तान से बदला ले सरकार
बाह। राजकुमार और ज्योति सिंह को इकलौता बेटा खोने का गम है। उसकी शहादत की खबर आते ही दोनों की आंखों में आंसू आ गए। लेकिन मां-बाप को वतन के लिए बेटे की कुर्बानी का गर्व है। उसके चाचा मनोज का कहना है कि उसकी कुर्बानी का सरकार को पाकिस्तान से बदला लेना चाहिए।
उधर हर्षित की शहादत पर उसके गांव क्वारी में शोक की लहर है। परिवार काफी समय से राजस्थान के बासवाड़ा में रहता है। इसलिए पार्थिव शरीर का अंतिम संस्कार वहीं पर किया जाएगा।
राजकुमार और ज्योति के दो बच्चों में बड़ा हर्षित था। अब उसकी शादी की सोच रहे थे। उसकी छोटी बहन जिज्ञासा बीएड कर रही है। उधर, हर्षित के बलिदान पर क्वारी गॉव निवासी एवं पूर्व सैनिक सेवा संगठन भदावर के प्रान्तीय अध्यक्ष जितेन्द्र सिंह भदौरिया ने कहा कि पाकिस्तान कायराना हरकतो से बाज नही आ रहा । उन्होने केन्द्र सरकार से सर्जीकल स्ट्राइक जैसे और कठोर कदम उठाये जाने की मॉग की।
हर्षित के चाचा मनोज ने कहा कि हर्षित की कुर्बानी का सरकार पाकिस्तान से बदला ले। उसके किये की सजा पाकिस्तान को मिलनी चाहिए। बता दें कि क्वारी गॉव के कई लोग सेना में है । आज भी सेना युवको की पहली पसन्द है । उधर, हर्षित की शहादत की खबर पाते ही ज्यादातर लोग बासवाड़ा की ओर रवाना हो गये है ।