11 जनवरी की रात को इंद्रा नगर निवासी रिटायर्ड दरोगा सुरेंद्र सिंह के बेटे विष्णु उर्फ राघवेंद्र और भतीजे सत्येंद्र को घर के बाहर गोली मारी गई थी। दोनों घायल हो गए थे। मामले में तीन हिस्ट्रीशीटर वीपी उर्फ विनय, सारिक और अनस सहित अन्य शामिल थे। इनमें से वीपी पुराने मामले में कोर्ट में पेश होकर जेल चला गया था। वहीं उसके पिता राजू, भाई छोटू, साथी अमित ठाकुर, मददगार दानिश, नवाजिश और प्रिंस को पूर्व में गिरफ्तार किया था।
हिस्ट्रीशीटर सारिक और उसका भाई अनस भाग गए थे। पुलिस दोनों की तलाश में लगी थी। थाना प्रभारी शाहगंज ने बताया कि पुलिस आरोपियों की तलाश में लगी थी। शनिवार रात को फतेहपुर सीकरी की तरफ से आ रहे स्कूटी सवार दो लोगों को पकड़ लिया। यह सारिक और अनस थे। दोनों से एक-एक तमंचा बरामद हुआ। अनस पर पहले 8 और सारिक पर 6 प्राथमिकी दर्ज हैं।
सत्यापन पर उठे थे सवाल
पुलिस ने गोलीकांड के मामले में 6 आरोपियों को पूर्व में गिरफ्तार किया था। एक आरोपी वीपी उर्फ विनय खुद ही पुराने मामले में कोर्ट में पेश हो गया था। इस तरह से सात जेल गए थे। वीपी ने अपनी जमानत भी नहीं करवाई थी। इस मामले से पुलिस पर सवाल खड़े हुए थे। अब दोनों हिस्ट्रीशीटर भी पकड़े गए। पुलिस दोनों को चेकिंग में पकड़ने का दावा कर रही है। क्षेत्र में चर्चा है कि वीपी, अनस और सारिक का शाहगंज क्षेत्र में दबदबा है। पुलिस ने आरोपियों को बड़े ही आराम से गिरफ्तार कर लिया। गोलीकांड के बाद बीट पुलिस के सत्यापन पर भी सवाल उठे थे।