08एमएनपी-07-हाशिम जमाल साबरी सज्जादा नशीन छोटी खानकाह
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मैनपुरी। शहर उलमा-ए-किराम ने सभी मुस्लिमों से अपील की है कि जिस तरह से तमाम मुसलमान कोरोना वायरस के कारण घरों में नमाज अदा कर रहे हैं। वैसे ही शब-ए-बरात पर लोग अपने घरों में रहकर पूरी रात इबादत करें। ऐसा करेंगे तो हम कोरोना को हराने में कामयाब हो सकते हैं।
शब-ए-बरात परंपरागत तरीके से नहीं मनाया जाएगा। लॉकडाउन के चलते मुस्लिम समाज के लोग कब्रिस्तान में जाकर मरहूम परिजनों की कब्र पर चिरागी भी नहीं करेंगे। घर पर ही नमाज पढ़कर मरहूमों को याद करेंगे। घर पर नमाज पढ़ने में भी सामाजिक दूरी का पालन किया जाएगा। उन्होंने कहा आगे शब-ए- बरात का मौका आने वाला है। हम सभी मुस्लिम भाइयों से अपील करते हैं कि हर कोई घरों में रहें। घर में रहकर ही कुरआन करीम की तिलावत करें। तस्बीहात पढ़े तथा नमाज पढ़े। कब्रिस्तान में नहीं जाएं। घरों से ही अपने मरहमीन के लिए ईसाले सवाब करें।
पूरे मुल्क तथा दुनियां के लिए अल्लाह ताला से रो-रोकर दुआ करें कोराना वायरस की बीमारी से इसे महफूज फरमा दे।
कोरोना वायरस के चलते पूरे देश में लॉकडाउन चल रहा है। कोरोना संक्रमण तेजी से फैल रहा है। शब-ए-बरात भी मनाया जाना जरूरी है। घर पर ही नमाज पढ़ें। कोरोना संक्रमण से बचाव करने के लिए नमाज पढ़ते समय सामाजिक दूरी का पालन जरूर करें।
हाशिम जमाल साबरी, सज्जादानशीं छोटी खानकाह
मरहूम परिजनों की याद में कब्रिस्तान पर चिरागी करने से पूरी तरह परहेज किया जाए। कोरोना संक्रमण से बचाव को लॉकडाउन के चलते मुस्लिम समाज के लोग घर पर ही इबादत करके शब-ए-बरात मनाएं। सरकार की अपील के अनुसार गली मोहल्लों में भीड़ न लगाएं।
शाहनवाज साबरी बंटू, सज्जादानशीं दरगाह साबरी बाग (धारऊ)