'घर के बाहर ही भरा है सीवर '
दयालबाग संदीप अग्रवाल ने कहा कि घर के सामने सीवर भरा हुआ है। दिवाली पर घर की सफाई और रंगाई पुताई का क्या फायदा, जब गेट के बाहर निकल ही न सकें। लगातार शिकायतें कर रहे हैं, लेकिन वबाग के अधिकारी सुनवाई नहीं कर रहे।
'वबाग से तो जलकल ही अच्छा था'
पीपल मंडी के पार्षद रवि बिहारी माथुर ने बताया कि वबाग कंपनी को हर दिन 12 लाख रुपये का भुगतान हो रहा है, लेकिन पूरा शहर सीवर उफनने के कारण परेशान है। शिकायतें सुनी नहीं जा रहीं। उनसे अच्छा तो जलकल ही था, कम से कम लोगों की सुनवाई तो हो रही थी।
'सीवर के स्थायी समाधान में समय लगेगा'
सवाल : दयालबाग समेत कई जगह एक महीने से सीवर समस्या है, यह कब तक हल होगी।
जवाब : दयालबाग में कई जगह सीवर लाइन क्षतिग्रस्त है, इसलिए मधुवन एन्कलेव समेत कॉलोनियों में समस्या है।
सवाल: लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान चाहिए, मशीन के जाते ही फिर से सीवर उफन जाता है।
जवाब : स्थायी समाधान में अभी समय लगेगा। ताजगंज में कुछ लाइनें चोक है, जिनकी सफाई कराई जा रही है। उन जगहों पर मशीन लगाई जाएगी।
- अनिल कुमार वर्मा, प्रोजेक्ट मैनेजर, वीए टेक वबाग
गड्ढा भरने के लिए गाजियाबाद से बुलाई है टीम
सीवरेज नेटवर्क की मरम्मत की जिम्मेदारी संभाल रही कंपनी वीए टेक वबाग के नेटवर्क मैनेजर तनवीर शर्मा ने बताया कि 100 फुटा रोड पर लगातार लीकेज के कारण मिट्टी गिर रही है। गंगाजल पाइप लाइन होने के कारण मशीनों से खोदाई नहीं कर सकते। गाजियाबाद की एक फर्म से बात हुई है। दिवाली से पहले काम होने की उम्मीद है।