वहीं आगरा फोर्ट अहमदाबाद एक्सप्रेस का स्टेशन भी बदलने का फैसला हो चुका है। इसके पहले टाइमिंग में सुधार के लिए इलाहाबाद से दो सुपरवाइजरों की नियुक्ति की गई थी, लेकिन ट्रेनों की टाइमिंग नहीं सुधर सकी।
स्टेशन बदलने के बाद भी लखनऊ इंटरसिटी अब भी सात से आठ घंटे की देरी से चल रही है। इसके बाद रेल प्रशासन ने बड़ा बदलाव करते हुए 15 अगस्त से 140 ट्रेनों के ठहराव का समय कम कर दिया।
ट्रेनों के ओरिजनेटेड स्टेशनों से ठीक वक्त पर रवानगी के लिए निर्देश दिए। इन सभी प्रयोगों से अभी तक रेल यात्रियों को लाभ नहीं मिल सका है। टाइमिंग में बदलाव के 10 दिन बाद भी ट्रेनें घंटों देरी से चल रही हैं।
रेल परामर्शदात्री समिति के राजकुमार शर्मा ने बताया कि टाइमिंग में बदलाव से कोई फर्क नहीं पड़ा है। लखनऊ इंटरसिटी एक्सप्रेस की लेटलतीफी में फर्क नहीं आ सका है। ऐसे में इन बदलावों से कोई कोई लाभ नहीं हो सका है।