तीन तलाक के केस तो आसानी से दर्ज किए गए लेकिन गिरफ्तारी कम हुई है। 17 केस में 38 आरोपी हैं। इनमें से चार गिरफ्तार किए गए हैं। 34 फरार चल रहे हैं। मुकदमों में सिर्फ शौहर ही नहीं, सास, ससुर, देवर, जेठ भी नामजद कराए गए हैं।
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एक भी केस की जांच अभी पूरी नहीं हो पाई है। 14 मामलों में आरोपी शौहर की गिरफ्तारी भी नहीं हो सकी है। डीजीपी को 20 अगस्त तक की रिपोर्ट गई है। इसके बाद भी कुछ केस आए हैं। इनमें भी सबसे ज्यादा आगरा में हैं।
एडीजी जोन अजय आनंद ने बताया कि आगरा जोन में तीन तलाक के 17 केस दर्ज किए गए हैं। सभी में जांच चल रही है। साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
1. संज्ञेय अपराध की श्रेणी में, आरोपी की बगैर वारंट के गिरफ्तारी कर सकती है पुलिस ।
2. जमानत पर निर्णय से पहले मजिस्ट्रेट के लिए पीड़ित महिला का पक्ष सुनना अनिवार्य।
3. आरोपी शौहर पीड़ित महिला और बच्चों को गुजारा भत्ता देगा, इसका भी प्रावधान है।
4. दोषी पाए जाने पर शौहर को तीन साल कारावास की सजा और जुर्माना भी।
(जैसा जिला शासकीय अधिवक्ता वसंत गुप्ता ने बताया)
प्रदेश में 216 केस, सबसे ज्यादा मेरठ के
एक से 20 अगस्त के बीच प्रदेश में 216 केस दर्ज किए गए हैं। पुलिस सूत्रों ने बताया कि सबसे ज्यादा केस मेरठ में दर्ज हुए हैं इनकी संख्या 26 है। सहारनपुर में 17 और शामली में 10 केस दर्ज किए गए हैं। वाराणसी में भी दस मामले हैं। डीजीपी को भेजी गई रिपोर्ट में इसका भी ब्योरा है कि किस जिले में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और कितने फरार चल रहे हैं।