बिहार-झारखंड की आईडी पर खरीदते हैं सिम
गैंग के निशाने पर फॉर्च्यूनर, आई-20, क्रेटा, इनोवा आदि महंगी गाड़ी रहती थीं। उन्होंने एक जनवरी से लेकर 25 नवंबर तक कमला नगर, शाहगंज, लोहामंडी, सिकंदरा, सदर में 26 कार चोरी कीं। गाड़ी चोरी से पहले रेकी करते हैं। कार चोरी के बाद असली नंबर प्लेट फेंक देते थे। फर्जी नंबर प्लेट लगाते थे।
आरोपी अपने मोबाइल को फ्लाइट मोड पर रखते थे, जिससे पुलिस सर्विलांस की मदद से नहीं पकड़ पाए। मोबाइल को वाईफाई डोंगल की मदद से इंटरनेट से कनेक्ट रखते थे। डोंगल के लिए सिम बिहार और झारखंड की आईडी पर खरीदते थे। एक या दो कार चोरी के बाद वाईफाई डोंगल और सिम को तोड़कर फेंक देते हैं।
टोल के रास्ते की बजाय गांव के रास्तों से बाहर भागते हैं। आगरा का राजेश शर्मा उर्फ राजू गोली, बिहार के आरा का मदन सिंह और पटना का मोनू कारों की डिमांड करता है। वह लोग कार का नंबर भी भेजते हैं। वह कार चोरी करने के बाद इसी नंबर प्लेट का इस्तेमाल करते थे। वो एक कार को दो से तीन लाख में खरीदते हैं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
1- हृदेश भदौरिया निवासी उमरेठा, थाना बासौनी, आगरा।
2- सुरेश उर्फ सेडू निवासी गांव हिंगोठ, थाना महावीर, करौली, राजस्थान।
3- विक्रम निवासी गांव मलार, थाना पिल्लू खेड़ा, जींद, हरियाणा।
4- सुनील चक निवासी गोल पहाड़िया, थाना जनागंज, ग्वालियर, मध्य प्रदेश।
5- विनय उर्फ विन्नी निवासी हजीरा, ग्वालियर।
6- प्रदीप सिंह निवासी थाना सराय लखनानी, मऊ।
7- अरिंदम बोस निवासी धनवाद, झारखंड।
यह हुई बरामदगी
दो आई-20 कार और 72 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ।