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नपुंसकता: ये सात गलतियां, जो बना सकती हैं आपको नंपुसक; पापा बनने में होगी दिक्कत

Sun, 18 Jun 2023 09:49 AM IST
धीरेन्द्र सिंह धर्मेंद्र त्यागी, आगरा

सार

आप जाने-अनजाने कई ऐसी गलतियां कर जाते हैं जो आपके दांपत्य जीवन के लिए बहुत घातक साबित हो सकती हैं। यहां तक की ये आपको नपुंसक तक बना सकती हैं। जानें क्या कहते हैं चिकित्सक...
 
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सांकेतिक तस्वीर
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विस्तार
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आपकी ऐसी आदतें या फिर गलतियां जिसकी वजह से आपका पौरुष घट रहा है। शराब, धूम्रपान की तो लत थी ही, बार में पहुंचकर हुक्का भी गुड़गुड़ाने लगे। धीरे-धीरे विभिन्न फ्लेवर के हुक्का का चस्का लग गया। लंबे समय तक ऐसा चलने पर शुक्राणु नष्ट होने लगे। अब पापा बनने में दिक्कत आ रही है। डॉक्टरों को विभिन्न जांचों में ऐसे 40 फीसदी पुरुष मिले हैं, जिनके शुक्राणु एक करोड़ से कम हैं, जबकि इसकी सामान्य संख्या डेढ़ करोड़ होना जरूरी है।

40 फीसदी पुरुषों की जांच में शुक्राणु कम

आईवीएफ विशेषज्ञ डॉ. जयदीप मल्होत्रा ने बताया कि इलाज के लिए आए 40 फीसदी पुरुषों की जांच में शुक्राणु कम होने की समस्या पाई गई। प्राकृतिक रूप से पिता बनने के लिए 1.5 करोड़ शुक्राणु होने चाहिए। पूछने पर इन पुरुषों ने बताया कि पान मसाला, तंबाकू, धूम्रपान के साथ लंबे समय से फ्लेवर्ड हुक्का पी रहे हैं। डॉ. जयदीप ने बताया कि इसमें निकोटिन, टार, लेड, निकल, कार्बन मोनोक्साइड, आर्सेनिक समेत अन्य घातक तत्व होते हैं।

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35 से कम उम्र में हो रहे नपुंसकता के शिकार

हुक्का की 40-45 मिनट की एक ट्रिप में 80-90 हजार मिलीग्राम धुआं (स्मॉक) अंदर पहुंचता है। इससे शुक्राणु तेजी से कम होने लगते हैं। नपुंसकता के शिकार ऐसे लोगों में 70 फीसदी की उम्र 35 से कम होती है। इनको दवा देने के साथ बेहतर खानपान फिटनेस की सलाह देते हैं। इनमें से 10-12 फीसदी को आईवीएफ की जरूरत पड़ती है।

खराब फिटनेस से भी बढ़ रही नपुंसकता

वरिष्ठ एंड्रोलॉजिस्ट डॉ. अरुण तिवारी ने बताया कि नपुंसकता की बड़ी वजह बिगड़ा खानपान, दिनचर्या और खराब फिटनेस भी है। मरीज देर रात तक मोबाइल, लैपटॉप में व्यस्त रहते हैं। खाने में दाल, हरी तरकारी, पौष्टिक आहार के मुकाबले फास्ट फूड-डिब्बा बंद खाना खा रहे हैं। काम भी बैठने का अधिक है। इससे मोटापा, मधुमेह, हृदय रोग, यौन क्षमता भी प्रभावित हो रही है। ओपीडी में आने वाले 60 फीसदी मरीजों में युवा हैं। स्वस्थ दिनचर्या, पौष्टिक आहार और व्यायाम से इससे बचा जा सकता है।

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तनाव, कलह भी पिता बनने में बाधक

मानसिक स्वास्थ्य संस्थान एवं चिकित्सालय के प्रमुख अधीक्षक डॉ. दिनेश राठाैर का कहना है कि तनाव भी पिता बनने में बाधक है। यौन क्लीनिक में आने वाले मरीजों में 45 फीसदी में मनमाफिक जॉब न मिलने, वेतन न मिलने, भविष्य सुरक्षित न होने से तनाव में मिले, कई ऐसे भी रहे जो पारिवारिक और पत्नी से कलह के कारण तनाव में आए। इनकी काउंसिलिंग करने के साथ दवाएं भी दी गईं।

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जरू करें ये काम 

- तंबाकू, पान मसाला, शराब, नशाखोरी, हुक्का आदि से परहेज करें।
- नियमित दो से तीन घंटे पैदल जरूर चलें, साइकिल चलाएं।
- अत्यधिक चिकनाई, तले भोजन और फास्ट फूड से बचें।
- लौकी, तोरई, पालक, गाजर समेत हरी सब्जी अधिक खाएं।
- लैपटॉप, मोबाइल का उपयोग सिर्फ जरूरत के लिए करें।
- देर रात सोने और जगने की आदत बदलें। जल्दी सोए-जागें।
- तनाव दूर करने को हॉबी पूरी करें, संगीत सुनें, पुराने मित्रों से बात साझा करें।
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