आगरा में भारत बंद के दौरान गुरुवार को हुए बवाल के मामले में पुलिस ने सात केस दर्ज किए हैं। इनमें 39 लोग नामजद हैं, जबकि 700 अज्ञात में है। मौके से पकड़े गए छह लोग शुक्रवार को जेल भेज दिए गए हैं। अभी और भी केस दर्ज किए जा सकते हैं।
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पुलिस को तहरीर मिलने का इंतजार है। हालांकि पुलिस अभी सख्ती के मूड में नहीं लग रही है। गिरफ्तारी के लिए दबिश भी नहीं दी जा रही है। मुकदमों में बलवा, मारपीट, जाम लगाने की धाराएं और सेवन सीएल एक्ट है।
पिनाहट में अनुसूचित जाति के लोगों की खुली दुकानों को बंद कराने में बवाल हो गया था। मारपीट, पथराव होने पर पुलिस को आंसू गैस के गोल दागने पड़े थे। मामले में पुलिस ने छह नामजद, 100 से 150 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
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छह को भेजा जेल
छह लोगों को गिरफ्तार करके जेल भी भेज दिया है। खंदौली में बंद समर्थकों ने यमुना एक्सप्रेसवे जाम कर दिया था। इस दौरान पहुंचे एसडीएम पर हुई टिप्पणी के बाद पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया था। जिससे बंद समर्थकों ने पुलिस पर पथराव किया।
हाईवे पर 12 से ज्यादा रोडवेज बसों में तोड़फोड़ कर दी थी। पुलिस ने भी प्रदर्शनकारियों पर पथराव किया था। पथराव में यमुना एक्सप्रेसवे पर कारों के शीशे टूट गए थे। बाद में बंद समर्थकों ने पड़ाव चौराहे पर भी जाम लगाने के साथ पुलिस पर पथराव किया था।
वहीं मुढ़ी चौराहे पर भी आगरा-जलेसर और खंदौली-एत्मादपुर मार्ग पर जाम लगाया गया था। इन मामलों में पुलिस ने बाल किशन चाहर उर्फ मामा, अनिल, रोहित, मुकेश सिकरवार, पुरु सिकरवार, प्रदीप आदि सात लोगों को नामजद किया है।
वहीं मुढ़ी चौराहे पर जाम लगाने पर अमित, भोला सिकरवार, भूरा, बंटू,और दीपक सहित पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। खेरागढ़ में पांच नामजद, 50 अज्ञात, सैंया में सात नामजद और 100 अज्ञात लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
सैंया में हाईवे के तेहरा चौराहे पर जाम लगाकर पुलिस पर पथराव और तोड़फोड़ के मामले में गिर्राज, विष्णु पुत्र गिर्राज, धनसिंह, दशरथ, प्रभात, विष्णु पुत्र राजेंद्र सिंह, मनोज के अलावा 100 अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। साथ ही एत्मादपुर में नौ नामजद और 100 अज्ञात पर एफआईआर दर्ज कराई गई है।
शहर में एक भी केस दर्ज नहीं किया
शहर में न्यू आगरा क्षेत्र में लॉयर्स कॉलोनी के बाहर शो रूम में तोड़फोड़ की गई थी। पुलिस ने इसका केस दर्ज नहीं किया है। तहरीर मिलने का इंतजार है। इसी तरह एत्माद्दौला में हंगामा हुआ था। जाम लगाया गया था। यहां भी केस दर्ज नहीं किया गया है।