किशोरी स्वेता ने बताया कि पिता के क्लेश करने के चलते वो दो दिन तक भूखी रही। बाद में उसने घर छोड़ने का निर्णय लिया। उसने पिता को शराब न पीने की सलाह दी, लेकिन वो नहीं मानते हैं। वो दिल्ली अपनी बहन के घर जा रही थी।
परिवार की माली हालत को देखते हुए एसडीएम ने मौके पर ही राशन डीलर को बुलाकर 25 किलो गेहूं सतेंद्र को दिलवाया। एसडीएम ने बताया कि सतेंद्र शराब पीने का आदी है। पिता के द्वारा की गई मारपीट के बाद किशोरी घर से चली गई थी।
एसडीएम ने सतेंद्र का आवास भी देखा। दो कमरों में एक कमरा पूरी तरह टूटा है। दूसरे कमरे की आधी छत गिरी हुई है। एसडीएम ने सतेंद्र को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तत्काल आवास दिलाने को कहा।