पकड़े गए आरोपियों में गिरोह का सरगना मोनू धाकरे सहित सात सदस्य भी शामिल हैं। वहीं दो सदस्य भागने में सफल रहे। मोनू ढाई साल से फर्जीवाड़े में लगा है। आरोपियों से पूछताछ के बाद शमसाबाद और राजाखेड़ा क्षेत्र से 13 बाइक बरामद की गईं।
इनकी हुई गिरफ्तारी
- मनमोहन सिंह धाकरे उर्फ मोनू निवासी चमरौली, ताजगंज। यह गिरोह का सरगना है। इसका काम आईडीएफसी फस्ट बैंक और टाटा कैपिटल के कर्मचारियों को रिश्वत देकर लोन पास कराना था।
- पोपेंद्र उर्फ पोपी निवासी कुमपुरा। इसका काम लैपटॉप से फर्जी नाम और पते के पैन कार्ड और आधार कार्ड तैयार करना।
- अतुल मुद्गल निवासी मोहल्ला रोहई, शमसाबाद। लैपटॉप से फर्जी नाम और पते के पेन कार्ड और आधार कार्ड तैयार करना।
- राम कन्हैया निवासी गांव कुतकपुर, शमसाबाद। बैंक से लोन पास कराने का काम करता था।
- मोनू सिंह निवासी शमसाबाद थाने के पीछे। बैंक से लोन का एप्रूवल लेने का काम करता था।
- सोनू सिंह निवासी सहाय का पुरा और सतेंद्र सिंह निवासी गांव कुमपुरा, थाना निबोहरा। यह दोनों गिरोह के सदस्य हैं।
फरार आरोपी
- शंकर निवासी राजस्थान के राजाखेड़ा, धौलपुर।
- विजयराम निवासी नींच खेड़ा, निबोहरा।