आगरा। तीन पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिनमें दो थाना प्रभारी और एक चौकी प्रभारी शामिल हैं। पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने इन सभी मामलों में जांच के आदेश दिए हैं। ये शिकायतें अभद्रता, अवैध हिरासत और अवैध गतिविधियों को संरक्षण देने से संबंधित हैं।
पहला मामला
यह मामला खंदौली थाना प्रभारी कुलदीप सिंह तोमर से जुड़ा है। गांव पैंतखेड़ा निवासी अधिवक्ता आदिल कुमार ने अभद्रता का आरोप लगाया है। अधिवक्ताओं के एक प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को पुलिस आयुक्त से शिकायत की। पुलिस आयुक्त ने एसीपी एत्मादपुर देवेश कुमार को जांच सौंपी है। वहीं इंस्पेक्टर तोमर ने आरोपों से इन्कार किया है।
दूसरा मामला
बसई जगनेर थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह भाटी पर दुष्कर्म के दो आरोपियों को अवैध हिरासत में रखने का आरोप है। आरोप है कि उन्हें छोड़ने के लिए मोटी रकम मांगी गई थी। इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी वायरल हुआ है। वीडियो में इंस्पेक्टर कथित तौर पर आरोपियों को थाने में रखने की बात कबूल रहे हैं। हालांकि, वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं हुई है। डीसीपी पश्चिमी आदित्य कुमार ने मामले की जांच एसीपी खेरागढ़ को सौंपी है।
तीसरा मामला
नरीपुरा क्षेत्र के भाजपा पार्षद अजय गोस्वामी ने सराय ख्वाजा चौकी प्रभारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पार्षद ने पुलिस आयुक्त दीपक कुमार से शिकायत की है। आरोप है कि चौकी प्रभारी क्षेत्र में मादक पदार्थ बिकवाने को संरक्षण दे रहे हैं। वे जुआ-सट्टा जैसी गतिविधियों को भी बढ़ावा दे रहे हैं। पार्षद के अनुसार, इन अवैध गतिविधियों से चौकी को ढाई लाख रुपये की मासिक उगाही होती है। पार्षद का शिकायत पत्र सोशल मीडिया पर भी वायरल हुआ है। इस मामले में भी जांच शुरू कर दी गई है।
एससी-एसटी आयोग में भी शिकायत की तैयारी
अधिवक्ता आदिल कुमार ने बताया कि 21 जून को आंबेडकर भवन में प्रतिमा लगाने पर विवाद हुआ था। उन्होंने थाना प्रभारी कुलदीप सिंह तोमर को इसकी सूचना दी थी। इसके बाद इंस्पेक्टर ने उनसे और उनके भाई अश्वनी कुमार से अभद्रता की। उन्हें और उनके भाई को सरकारी गाड़ी में बिठाकर थाने ले जाया गया। अधिवक्ता ने घटना का सीसीटीवी फुटेज होने का दावा किया है। अधिवक्ता अब इस मामले की शिकायत एससी-एसटी आयोग में भी करने की तैयारी कर रहे हैं।