सीरियल किलर रविंद्र कुमार की खौफनाक कहानी
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दिल्ली की रोहिणी कोर्ट ने आरोपी रविंद्र कुमार को एक छह साल की बच्ची की हत्या और दुष्कर्म के मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। आरोपी 2008 से 2015 के बीच 30 बच्चियों के अपहरण और हत्या के मामले में शामिल था। रविंद्र कुमार मूल रूप से कासगंज जनपद का रहने वाला है, लेकिन उसका परिवार करीब ढाई दशक पूर्व कामकाज की तलाश में दिल्ली चला गया। यहां उसके परिवार का कोई व्यक्ति नहीं रहता।
नूरपुर के रहने वाले हैं पिता
सीरियल किलर एवं रेपिस्ट रविंद्र कुमार के पिता ब्रह्मानंद मूल रूप से नूरपुर के रहने वाले हैं, लेकिन वह नूरपुर से आकर गंजडुंडवारा के बरी थोक में आकर रहने लगे और यहां से दिल्ली चले गए। दिल्ली पुलिस ने रविंद्र के बारे में जिले से भी इनपुट लिया था, लेकिन विस्तृत जानकारी जिले की पुलिस को नहीं मिल सकी। जिले में कोई भी आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड नहीं पाया गया।
हैरत में हैं लोग
समाचार माध्यमों और सोशल मीडिया पर कासगंज के सीरियल किलर का नाम सुर्खियों में आने के बाद लोग हैरत में हैं और लोगों के बीच सीरियल किलर के बारे में जानकारी जुटाने की जिज्ञासा भी है, लेकिन स्पष्ट तौर पर अधिक जानकारी नहीं मिल पा रही।
40 साल पहले छोड़ दिया था गांव
सीरियल किलर के पिता ब्रह्मानंद ने करीब 40 वर्ष पूर्व गांव छोड़ दिया था और वह गंजडुंडवारा में आकर रहने लगे। वह स्वयं मजदूरी करते थे और पत्नी भी घरों में कामकाज करती थीं, लेकिन परिवार का गुजारा न होने से वह यहां से पलायन कर गए। पहले किलर की एक मौसी भी गांव में रहती थीं। जिनके पास वह कभी-कभी आता था, लेकिन मौसी की मौत के बाद वह फिर कभी नहीं आया।
नहीं है कोई आपराधिक रिकॉर्ड
एसपी सौरभ दीक्षित ने बताया कि अपराधी रविंद्र कुमार के बारे में जिले में कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है और न ही कोई विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं हो पाई है।