बसपा सुप्रीमो मायावती और कांग्रेस ने यह मुद्दा उठाया तो प्रशासन ने आनन-फानन में नट समाज के लिए श्मशान भूमि की व्यवस्था तो कर दी, लेकिन उन दबंगों पर कोई कार्रवाई नहीं की जिन्होंने पूजा का शव चिता से उतारा था। पूजा की मौत बीमारी से हुई थी। परिवार और समाज के लोग मौजूद थे। तभी दबंग लोगों ने धमकी देकर शव उतरवा दिया था। पुलिस ने दबंगों पर एक्शन लेने के बजाय पूजा के परिजनों पर ही दबाव बनाया कि दाह संस्कार दूसरी जगह कर लें।
रहने के लिए पट्टे भी दिए जाएंगे
एसडीएम सुमित सिंह ने बताया कि अनुसूचित जाति (नट समाज) के लोगों को रहने के लिए पट्टे पर जमीन दी जाएगी। इसके लिए परिवारों से प्रस्ताव मांगे हैं। लोगों ने रहने के लिए जमीन नहीं होने की बात ही थी। इसके बाद उन्हें वैध रूप से रहने के लिए जमीन के पट्टे आवंटित करने का निर्णय हुआ है।
मंगलवार को बसपा अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने ट्वीट कर कहा था कि एससी महिला का शव चिता से हटवाए जाने की सरकार जांच कराए। कांग्रेस ने घटना की न्यायिक जांच की मांग की थी। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया। शासन ने भी इस संबंध में रिपोर्ट मांगी है।
पीड़ित दहशत में, नहीं दी तहरीर
पूजा के परिजन अब तक दहशत में है। सीओ अछनेरा वीर सिंह वीर ने उनसे मंगलवार को बात की थी। उन्होंने कहा था कि पुलिस जो चाहे कार्रवाई करे, वे तहरीर नहीं देंगे। बुधवार को एसडीएम से भी इन लोगों ने कहा कि वे रिपोर्ट दर्ज नहीं कराएंगे। सवाल यह उठ रहा है कि इस मामले में पुलिस ने अपनी ओर से केस दर्ज क्यों नहीं किया।