आगरा में नौ नामी कंपनियों को नकली दवा बनने की रिपोर्ट भेजी गई है। इसके बाद अब नया केस भी हो सकता है। हाल ही में सिकंदरा नकली दवा फैक्टरी पकड़ी गई थी, जिसकी जांच अभी चल रही है।
उत्तर प्रदेश के आगरा में सिकंदरा-जगदीशपुरा में बीते दिनों ब्रांडेड कंपनियों के नाम से नकली दवाएं पकड़ी गई थीं। इसमें औषधि विभाग ने नौ नामी कंपनियों को इसकी रिपोर्ट भेजी है। इससे संबंधित कंपनी भी विजय गोयल के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करा सकती है।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि जगदीशपुरा और सिकंदरा में नकली दवाएं और कोडीन सिरप बनाने की दो फैक्टरियां पकड़ी गई थीं। ये विजय गोयल की थीं, यहां से करीब छह करोड़ की दवाएं और कच्चा माल जब्त हुआ था। यहां नौ तरह के कोडीन सिरप और दवाएं बनाई जा रही थीं। इसमें सात तरह के कोडीन सिरप और दो तरह की दवाएं थीं। ये खांसी और नींद में उपयोग की जाती हैं।
इसकी ओवरडोज लेकर लोग नशे में इस्तेमाल करते हैं। इसी को भुनाते हुए विजय गोयल नामी कंपनियों के नाम से इनकी पैकिंग कर नेपाल-बांग्लादेश तक कालाबाजारी करता था। रैपर पर ब्रांडेड कंपनियों के बार कोड और बैच नंबर दर्ज थे। इनकी विस्तृत रिपोर्ट दिल्ली, मुंबई की संबंधित कंपनियों को भेजी गई है। इससे ये निजी स्तर पर भी इनकी जांच कराने के साथ आरोपी पर केस दर्ज करा सकती हैं।