कासगंज। वृद्धों के सम्मान के लिए तमाम संस्थाएं काम कर रही हैं, लेकिन वृद्धाश्रम में रह रहे वृद्धों का दर्द सुनकर हृदय द्रवित हो जाता है। इसे विडंबना ही कहा जाएगा कि बेसहारा वृद्धों को वृद्धाश्रम का सहारा मिला हुआ है। गरीबी की प्रमाणिकता है, फिर भी पेंशन के लिए उन्हें आय प्रमाण पत्र देना होगा। जबकि बायोमेट्रिक मशीन में तमाम वृद्धों के अंगूठों के निशान मिलान न करने के कारण उनके आधार कार्ड नहीं बन पा रहे। इससे उनके आय प्रमाण पत्र के लिए आवेदन नहीं हो पा रहा। पात्रता के बावजूद गरीब वृद्धों की पेंशन की राह कैसे आसान होगी यह सवाल अब यक्ष प्रश्न बन गया है।
बुजुर्गों का दर्द-
हमारे कोई संतान नहीं है। हम दोनों (पति-पत्नी) दो साल से वृद्धाश्रम में रह रहे थे। 6 महीने पहले बीमारी से पति की मौत हो गई। पेंशन के लिए हम दोनों एक साल से कोशिश में लगे रहे, लेकिन आय प्रमाण पत्र न बनने के कारण पेंशन नहीं मिल पा रही।
कमलेश देवी, खोजपुर, सहावर।
सरकार मानती है कि हम गरीब हैं और वृद्ध भी हैं, लेकिन पेंशन के लिए नियम-कानून आड़े आ जाते हैं। किसी तरह पेंशन मिलने लगे तो वृद्धावस्था में हमें बहुत राहत मिल जाएगी। - कुसमा देवी, मोहल्ला मोहन।
बुढ़ापे में वृद्धाश्रम में गुजारा कर रहे हैं। घर से बेसहारा हैं। पेंशन का सहारा मिले तो कुछ उम्मीदें बढ़ें, लेकिन अब समझ मे नहीं आता कि पेंशन कैसे मिलेगी। - मोहर पाल सिंह, नगला ताल।
फैक्ट फाइल-
61 बुजुर्ग वृद्धाश्रम में हैं पंजीकृत।
37 बुजुर्गों को है अभी भी पेंशन की दरकार।
16 बुजुर्गों को काफी जद्दोजहद के बाद पेंशन दिलाने में सफल हुए वृद्धाश्रम संचालक।
8 वृद्धों का ऑनलाइन पेंशन के लिए हो चुका है आवेदन।
वृद्धावस्था पेंशन के लिए आधार कार्ड और आय प्रमाण पत्र जरूरी है। हम वृद्धाश्रम के ऐसे वृद्धों की सूची तैयार करेंगे, जिन्हें पेंशन नहीं मिल पा रही है। तहसील में सूची भेजकर सहयोग मांगेंगे। प्रयास कर रहे हैं कि कोई और विकल्प भी मिल सके। - शंकरलाल, जिला समाज कल्याण अधिकारी।