मैनपुरी। बीएसए कार्यालय में स्थानांतरण होकर पहुंची वरिष्ठ सहायक ममता पांडेय की मुश्किलें संसोधन के बाद भी कम होती नहीं दिख रही हैं। वे दो दिन से कार्यभार ग्रहण करने के लिए भटक रहीं हैं। बृहस्पतिवार को बीएसए कार्यालय पर सुबह 10 बजे से पांच बजे तक ममता बैठी रहीं लेकिन उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया। ममता ने मामले की जानकारी उच्चाधिकारियों को दी है।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज की वरिष्ठ लिपिक ममता पांडेय का प्रकरण एक महीने से शिक्षा विभाग में चर्चा का विषय है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज मैनपुरी से उन्हें दो जुलाई को कार्यमुक्त कर दिया गया। दो जुलाई से वह बीएसए कार्यालय में चक्कर काट रही हैं। पहले उनसे कहा गया कि उनके स्थानांतरण आदेश में त्रुटि है। राजकीय बालिका इंटर कॉलेज के स्थान पर राजकीय इंटर कॉलेज लिखा है। लेकिन नौ अगस्त को विभाग ने संशोधित पत्र भी जारी कर दिया। ममता 10 अगस्त को बीएसए कार्यालय में कार्यभार ग्रहण करनें पहुंची लेकिन यह कहते हुए कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया कि बीएसए जनपद में नहीं हैं।
ममता ने डाक में कार्यभार ग्रहण के लिए आवेदन दिया। बृहस्पतिवार 11 अगस्त को सुबह 10 बजे ममता फिर से कार्यभार ग्रहण करने पहुंचीं। बीएसए से फोन पर बात भी हुई लेकिन शाम पांच बजे तक उन्हें कार्यभार ग्रहण नहीं कराया गया। इसके बाद देर शाम ममता ने बीएसए के साथ ही जेडी और निदेशक को पत्र भेजकर कार्यभार ग्रहण न कराए जाने की जानकारी दी। वहीं सीडीओ विनोद कुमार ने बताया कि बीएसए से पूरे मामले की जानकारी की जाएगी। मामले में उचित कार्रवाई होगी।