ताजमहल की सुरक्षा के साथ बड़ी चूक सामने आई है। ताजगंज परियोजना के अंतर्गत लगाए गए सात बोलार्ड और आठ बूम बैरियर लंबे समय से खराब पड़े हैं। उपनिदेशक पर्यटन राजकीय निर्माण निगम से पूर्व में शिकायत भी कर चुके हैं। फिर भी अब तक ठीक नहीं किए गए हैं। उन्होंने स्मारक की सुरक्षा में इन्हें बेहद अहम बताया है।
उपनिदेशक पर्यटन दिनेश कुमार ने जिलाधिकारी को भी इससे अवगत कराया है। गत 28 दिसंबर को उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक को इस संबंध में पत्र लिखा था। इसमें उन्होंने कहा है कि क्षेत्राधिकारी ताज सुरक्षा ने पर्यटन विभाग को ताजमहल की सुरक्षा के लिए लगाए गए सात बोलार्ड और आठ बूम बैरियर खराब होने की बात कही।
इन्हें ताजगंज परियोजना के अंतर्गत लगाया गया था। अमर विलास, पुरानी मंडी रोड और ताजखेमा बैरियर पर स्थापित बोलार्ड का 8 दिसंबर को सीओ ताज सुरक्षा ने निरीक्षण किया था। तब यह खराब पाए गए थे। यह तभी से खराब हैं। बीच में राजकीय निर्माण निगम को इसके बारे में बताया गया था लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।
सीओ ताज सुरक्षा ने अमर विलास बैरियर, ताजखेमा, पाठक प्रेस, नीम तिराहा तथा अमरूद का टीला पर स्थापित बूम बैरियर ए और बी खराब पाए गए थे। उपनिदेशक ने कहा है कि बोलार्ड और बूम बैरियर का सुचारु रूप से कार्यशील रहना ताजमहल की सुरक्षा की दृष्टि से जरूरी है। इसमें से अमर विलास बूम बैरियर और अमरूद का टीला बूम बैरियर अत्यंत संवेदनशील एवं मुख्य बैरियर हैं।