लखनऊ के एससीएसटी कोर्ट रूम में बुधवार दोपहर बाद मुख्तार अंसारी के बेहद करीबी कुख्यात अपराधी संजीव महेश्वरी उर्फ जीवा (50) की हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद बृहस्पतिवार को फिरोजाबाद जनपद न्यायालय में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई। सभी गेटों पर सघन चेकिंग के साथ ही बम निरोधक दस्ता चेकिंग करता दिखाई दिया। एसएसपी आशीष तिवारी ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। उन्होंने कहा अधिवक्ताओं के सहयोग से न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद रखा जाएगा।
लखनऊ कोर्ट में शामिली निवासी गैंगेस्टर संजीव माहेश्वरी उर्फ जीवा की गोली मारकर हत्या की घटना के बाद लखनऊ से सभी जनपद न्यायालयों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाए जाने के निर्देश दिए थे। इस तरह की घटनाएं और कहीं नहीं होने पाए इस लिहाज से गेटों पर सघन चेकिंग के आदेश दिए थे। शासन के निर्देश के बाद बृहस्पतिवार को सुबह सात बजे से पूर्व ही एसएसपी आशीष तिवारी के निर्देशन में सीओ सदर हीरालाल कनौजिया, थानाध्यक्ष मटसेना के साथ ही न्यायालय सुरक्षा प्रभारी के निर्देशन में सघन चेकिंग की गई। अधिवक्ताओं को तलाशी के बाद ही प्रवेश दिया गया। क्योंकि लखनऊ में जीवा पर जिसने फायरिंग की वह अधिवक्ता की ड्रेस में न्यायालय में पहुंचा था।
कुछ अधिवक्ताओं ने इतनी सख्त चेकिंग का विरोध भी किया, लेकिन समझाने पर वह मान गए। क्योंकि यह चेकिंग अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए की जा रही है। इस दौरान सभी गेटों पर तलाशी के साथ मेटल डिटेक्टर से अधिकारी चेकिंग करते दिखाई दिए। वहीं प्रवेश द्वारा पर मेटल डिटेक्टर लगवा दिया है। पुलिसकर्मी उसी से होकर निकलने की हिदायत देते दिखाई दिए। एसएसपी आशीष तिवारी ने जनपद न्यायालय प्रांगण पहुंचे उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। न्यायालय के गेटों पर तैनात सुरक्षाकर्मियों को समझाया कि चेंकिग के दौरान अधिवक्ताओं के साथ सौम्य व्यवहार किया जाए।
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एसएसपी ने कहा कि न्यायालय की सुरक्षा व्यवस्था चाक चौबंद रखी जाएगी। इस संबंध में बार एसोसिएशन के अध्यक्ष, महासचिव के साथ ही अन्य पदाधिकारियों के साथ बैठक करके सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने का काम किया जाएगा, ताकि अधिवक्ताओं व न्यायायिक अफसरों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़े।