डा. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय के खंदारी कैंपस स्थित गेस्ट हाउस के मेन गेट पर केंद्रीय राज्यमंत्री डाक्टर रामशंकर कठेरिया के सुरक्षाकर्मियाें द्वारा ताला जड़ने पर शनिवार को भारी हंगामा हुआ। गुस्साए एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने ताला तोड़ने की कोशिश की तो सुरक्षाकर्मियों से जमकर तकरार हुई। नौबत हाथापाई तक पहुंच गई।
कंट्रोल रूम में सूचना पर पुलिस फोर्स पहुंची और एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को जबरन हटाने लगी। इस पर वे पुलिस से भी भिड़ गए और मंत्री के खिलाफ नारेबाजी की। कहा, परिसर में मंत्री के अवैध रूप से किए गए निर्माण को ढहाया जाए और उनका कैंप कार्यालय बंद कराया जाए। इस मांग पर पुलिस ने विश्वविद्यालय अधिकारी से फोन पर बात की। कोई सकारात्मक जवाब न मिलने पर पुलिस भी लौट गई।
बता दें, केंद्रीय राज्यमंत्री डा. कठेरिया के खिलाफ लगातार हल्ला मचा रही एनएसयूआई ने शुक्रवार को विवि के गेस्ट हाउस में अपना कैंप ऑफिस खोल दिया था। आरोप लगाया था कि मंत्री ने यूनिवर्सिटी के खंदारी कैंपस में अवैध निर्माण कराने के साथ ही अपना कैंप कार्यालय बना रखा है। पहले उनका हटवाया जाए। कुलसचिव से नोकझोंक हुई थी। शनिवार सुबह तकरीबन 11 बजे एनएसयूआई कार्यकर्ता गेस्ट हाउस पहुंचे तो गेट पर अंदर से ताला लगा था। संगठन के राष्ट्रीय सचिव अमित सिंह का आरोप है कि ताला मंत्री के सुरक्षाकर्मियों ने लगाए थे। यह ऊपरी मंजिल पर रहते हैं। उनसे कहा तो बोेले, मंत्री के कहने पर ही गेट खुलेगा। विरोध पर सुरक्षाकर्मी अभद्रता पर उतर आए और उनसे हाथापाई की।
प्रधानमंत्री से करेंगे शिकायत
एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष योगेश डाबर ने आरोप लगाया कि केंद्रीय राज्यमंत्री कठेरिया अपने पद का दुरुपयोग कर कैंपस में निजी हित के लिए निर्माण कराते जा रहे हैं। दो हरे पेड़ भी काट दिए हैं। सुरक्षाकर्मियों को गेस्ट हाउस में अवैध तरीके से रखा जा रहा है। सांसद बनने पर विश्वविद्यालय से उन्हें एक कक्ष रहने के लिए मिला था। अब इन्होंने एक और कक्ष पर कब्जा कर लिया है, जिसमें पार्टी की गतिविधियां संचालित होती हैं।
पुलिस को गोली चलने की सूचना
कंट्रोल रूम में किसी ने गेस्ट हाउस में गोली चलने की सूचना दे दी। इस पर पुलिस में हड़कंप मच गया। भारी संख्या में पुलिस फोर्स पहुंची। तब हकीकत पता चली। खुफिया विभाग ने भी ऐसी घटना न होने की तस्दीक की।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने साधी चुप्पी
एनएसयूआई के आरोपाें पर कुलसचिव और कुलपति कुछ भी बोलने को तैयार नहीं। एनएसयूआई पदाधिकारियों का कहना है कि अगर विश्वविद्यालय प्रशासन मंत्री को अवैध निर्माण के लिए नोटिस भी जारी कर दे तो वे विरोध प्रदर्शन खत्म कर देंगे।
झड़प होते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष खिसके
एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को ऊर्जा देने के लिए कांग्रेस जिलाध्यक्ष दुष्यंत शर्मा भी समर्थकों के साथ पहुंचे। पुलिस और कार्यकर्ताआें के बीच झड़प होने लगी तो वह कुछ देर देखते रहे, फिर वहां से निकल लिए।