माथे पर भोलेबाबा के नाम का चंदन, शरीर पर बाबा की ही छाप के टीशर्ट पहनकर शिवभक्त परिक्रमा की तैयारी को अंतिम रूप दे रहे हैं। रविवार शाम 4 बजे वे अपने घरों से परिक्रमा शुरू कर देंगे। इनमें कई भक्त ऐसे हैं जो घुंघरू बांध कर निकलेंगे। पूरे 18 कोस तक उनकी जुबां पर बम-बम भोले, हर-हर महादेव के जयकारे होंगे। बच्चे, किशोर और बड़े सभी इसमें होंगे, हालांकि युवा उत्साह और आस्था से ज्यादा लबरेज दिख रहे हैं। वहीं शिवालयों में देर रात से ही भोलेबाबा का अभिषेक शुरू हो जाएगा जो सोमवार शाम तक चलता रहेगा। वहीं सोमवार को बल्केश्वर मेले की भी तैयारियां पूरी हो गई हैं।
सावन माह के दूसरे सोमवार की पूर्व संध्या पर शिवभक्त नंगे पैर परिक्रमा लगाएंगे। माथे पर महादेव के नाम का चंदन लगा होगा और मन में दृढ़ संकल्प और अटल विश्वास। अच्छे-खराब दोनों तरह के रास्तों से होते हुए भक्तों का रेला शिवालयों तक पहुंचेगा। शहर की सीमाओं पर स्थित चारों शिवालयों की परिक्रमा कर भक्त महादेव का जलाभिषेक करेंगे। परिक्रमा की तैयारियां अंतिम चरण में हैं। जगह-जगह भंडारे लगाने की भी तैयारी की गई है। बल्केश्वर मेले की भी तैयारियां पूरी हो गई हैं। यहां बच्चों के मनोरंजन के लिए झूले भी लगाए गए हैं।
घुंघरू की काफी मांग
कसरेट बाजार अध्यक्ष अनुराग अरोड़ा ने बताया कि परिक्रमा के लिए हर बार की तरह घुंघरू की काफी मांग है। शिवभक्त घुंघरू, पूजा की लुटिया आदि खरीदकर ले जाते हैं। घुंघरू 400 रुपये गुच्छे में मिल रहा है।
पहली बार लगा रहे परिक्रमा
शमसाबाद रोड निवासी अर्पित शर्मा ने बताया कि पहली बार परिक्रमा लगा रहा हूं। परिक्रमा के लिए भोलेबाबा के छाप वाली टी-शर्ट भी खरीद ली है।
15 साल से हो रहे शामिल
रजरई निवासी संजय तिवारी ने बताया कि 15 साल से नियमित परिक्रमा लगा रहा हूं। सभी शिवालयों की परिक्रमा के साथ वनखंडी महादेव व अन्य शिवालयों की भी परिक्रमा लगाते हैं।