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देश का दूसरा एग्जिक्यूटिव लाउंज आगरा में शुरू

Wed, 06 Apr 2016 12:19 AM IST
अमर उजाला आगरा
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गत‌िमान एक्‍सप्रेस - फोटो : अमर उजाला ब्‍यूूराो
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रेलमंत्री सुरेश प्रभु ने नई दिल्ली स्थित रेल भवन से रिमोट दबाकर आगरा कैंट पर यात्रियों की सुविधा के लिए बनाए गए देश के दूसरे एग्जिक्यूटिव लाउंज का शुभारंभ किया। केंद्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री डा. रामशंकर कठेरिया ने भी लाउंज आकर इसकी खूबियों की जानकारी ली।
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आईआरसीटीसी की ओर से प्लेटफार्म नंबर एक पर संचालित एग्जिक्यूटिव लाउंज में भोजन, चैनल म्यूजिक, गर्म-शीतल पेय, वाई-फाई सुविधा, सामान रखने के लिए रैक, व्हील चेयर, रिक्लिनर्स, टेलीविजन, रेल संबंधी जानकारियों का डिस्प्ले, फैक्स, प्रिंटर, डेस्कटॉप, समाचार पत्र-पत्रिकाओं से युक्त बिजनेस सेंटर, स्वच्छ शौचालय की व्यवस्था है। 236 वर्ग मीटर में बने इस लाउंज में 75 से 80 व्यक्तियों के बैठने की क्षमता है। लाउंज में दो घंटे विश्राम के लिए 100 रुपये खर्च करना होगा। हर अतिरिक्त घंटे पर 50 रुपये देना होगा। यहां स्नान करने व कपड़े बदलने के लिए 75 रुपये देने होंगे। जल्द ही इस लाउंज में नगदी के अलावा क्रेडिट कार्ड और डेबिट कार्ड भी स्वीकार किया जाएगा। शुभारंभ के मौके पर अपर महाप्रबंधक एसपी सिंह, डीआरएम प्रभाष कुमार, उत्तर रेलवे के सीपीआरओ नीरज शर्मा, उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी विजय कुमार आदि मौजूद रहे।
गतिमान का जोड़

स्वदेश और पंकज बने पहले चालक
  गतिमान एक्सप्रेस के पहले चालक बनने का सौभाग्य स्वदेश और पंकज को मिला। उन्होेंने बताया कि उन्हें पहले एक विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इसके साथ ही क्रू मेंबर को भी विशेष रूप से प्रशिक्षित किया गया। सभी को मानसिक रूप से भी रेल चलाने के लिए तैयार किया गया। बकायदा इसके लिए एक मनोवैज्ञानिक जांच की गई। यात्रियों से किस तरह का व्यवहार करना चाहिए, यह भी सिखाया गया।
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कठेरिया के सुरक्षाकर्मी ने की रेल अधिकारी से अभद्रता
एग्जिक्यूटिव लाउंज में केंद्रीय मंत्री डा. रामशंकर कठेरिया के आने के बाद उनके एक सुरक्षा अधिकारी ने मंत्री से मिलने इलाहाबाद से आए रेलवे के उच्चाधिकारी के साथ धक्का मुक्की की। उसने उनका हाथ पकड़कर बाहर निकालने की कोशिश भी की। अधिकारी ने नाराजगी जताई तो सुरक्षा अधिकारी ने कह दिया कि वह उन्हें पहचानता नहीं था। इस घटना से आगरा मंडल के रेल अधिकारियों के पसीने छूट गए। उन्होंने लाउंज से भीड़ को हटवाया।


अब 200 किलोमीटर की गति से चलेगी ट्रेन
रेल मंत्रालय के अपर महानिदेशक जनसंपर्क अनिल सक्सेना ने आगरा कैंट पर मीडिया को बताया कि पहली सेमीहाईस्पीड ट्रेन के  शुरू होने के बाद नौ अन्य रूटों पर भी गतिमान एक्सप्रेस दौड़ेंगी। आगरा-दिल्ली के बाद हावड़ा कारीडोर में गतिमान चलाई जाएगी।  उन्होंने बताया कि रेलवे का अगला लक्ष्य 200 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन संचालन का है। 160 किलोमीटर का लक्ष्य लगभग प्राप्त कर लिया गया है। इस क्षमता के लिए कोच भी कपूरथला फैक्ट्री में तैयार करवाए जा रहे हैं। आगरा में गतिमान के सफल संचालन का अनुभव अन्य कारीडोर में गाड़ी चलाने के काम आएगा। उन्होंने बताया कि पूरब और पश्चिम में फ्रेट कारीडोर का काम पूरा होने के बाद ट्रेनों की गति खुद ही बढ़ जाएगी, क्योंकि मालगाड़ियां फ्रेट कारीडोर में ही संचालित होंगी।
तो हर सुबह और शाम मंडराएगा खतरा

पहले दिन आरपीएफ, जीआरपी, रेल कर्मी ट्रैक के दोनों ओर लगाए
 देश की सबसे तेज रफ्तार से दौड़ने वाली ट्रेन गतिमान एक्सप्रेस के संचालन के लिए दिल्ली, फरीदाबाद, पलवल, मथुरा से आगरा तक ट्रैक के दोनों ओर जीआरपी, आरपीएफ के साथ ही रेल कर्मियों और कुलियों की ड्यूटी लगाई। लेकिन रोजाना इतनी सजगता रहेगी, इसमें संदेह है। ऐसे में हादसों को रोकने के लिए रेल प्रशासन ने कोई स्थायी इंतजाम नहीं किए हैं। ऐसे में इस ट्रेन के चलने के समय में ट्रैक के किनारे बसी बस्तियों के लोगों को सतर्कता बरतनी होगी।
फरीदाबाद से पलवल तक आरपीएफ के जवानों को लगाया गया था। आगरा से मथुरा तक आरपीएफ, जीआरपी के साथ इंजीनियरिंग सेक्शन के 400 से ज्यादा कर्मचारी और गैंगमैन तैनात किए गए थे। रेलवे पुलों के नीचे, फाटक और कालोनियों के पास कर्मचारी ट्रैक पार करने वालों को रोकते रहे।

क्रासिंग के पास हैं घनी बस्तियां
कोसीकलां, मथुरा, फरह, रुनकता, सिकंदरा की कई क्रासिंग बेहद खतरनाक हैं। इनके आसपास घनी बस्तियां हैं। वहीं ज्यादातर रेलवे गेटों पर एक गेटमैन ही रहता है। ऐसे में वह ट्रेन का संचालन ही देख सकेगा। पीआरओ भूपिंदर ढिल्लन ने बताया कि रेल प्रशासन एक सप्ताह से गतिमान की स्पीड और लोगों को ट्रैक के पास नहीं आने को लेकर जागरूकता संबंधी विज्ञापन दे रहा है। ट्रैक पर सुरक्षा दीवार, जाली लगाने के काम भी चल रहे हैं।

धूल उड़ाती गुजरी ‘गतिमान’
160 किमी की रफ्तार से आई गतिमान ट्रैक पर धूल उड़ाती हुई निकली। रेलवे ट्रैक और पुलों के साथ बिल्लोचपुरा, राजामंडी रेलवे स्टेशन पर लोग ‘गतिमान’ की रफ्तार देखने के लिए रुके रहे। ‘गतिमान’ की स्पीड का खौफ इस कदर रहा कि ट्रैक पर जिन कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई, वह लोगों को यह समझाते रहे कि ट्रैक से 20 फुट दूरी बनाकर रखना अन्यथा हादसा हो जाएगा।
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