डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय के पालीवाल परिसर में मंगलवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। विधि विभाग स्थित गर्ल्स कॉमन रूम की छत का प्लास्टर दोपहर करीब 2:50 बजे अचानक भरभराकर गिर गया। एक कर्मचारी के सिर में चोट आई, जिन्हें उपचार के लिए एसएन भेजा गया। घटना के समय कमरे में छात्राएं मौजूद नहीं थीं, जिससे बड़ा हादसा टल गया।
छात्र दीप ने बताया कि यह भवन पहले इतिहास विभाग का हिस्सा था और अब विधि विभाग हो गया है। हैरानी की बात यह है कि इसी विभाग में दो दिन पहले भी एक कमरे की छत का प्लास्टर गिरा था। फिर भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे मंगलवार को फिर हादसा हो गया। लिंटर की ईंटें और प्लास्टर गिरकर पूरे कमरे में फैल गया। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय की व्यवस्थाओं और भवनों की स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। छात्रों का कहना है कि अगर हादसे के वक्त कक्षाएं चल रही होतीं, तो कई छात्र-छात्राएं गंभीर रूप से घायल हो सकते थे।
प्रांत राज्य विश्वविद्यालय संयोजक नितिन दुबे ने कहा कि विश्वविद्यालय में इस तरह की घटनाएं होना छात्रों और कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए गंभीर चिंता का विषय है। विश्वविद्यालय प्रशासन को सभी भवनों की तत्काल जांच करानी चाहिए और मरम्मत कार्य होना चाहिए।