कोतवाली में सिपाही पर जानलेवा हमले में शामिल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में।
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मैनपुरी। छह अगस्त की रात सिपाही पर किए गए जानलेवा हमले के दूसरे आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए आरोपी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। तीसरा आरोपी अभी भी फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
कोतवाली में मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता करते हुए एसपी अजय शंकर राय ने उन्होंने बताया कि सिपाही पर फायरिंग में शामिल आरोपी भूरा उर्फ नूर आलम निवासी महमूदनगर पर 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास के छह और लूट का एक मामला शामिल है।
पुलिस आरोपी प्रदीप तोमर को 11 अगस्त को गिरफ्तार करके जेल भेज चुकी है, जबकि बबलू यादव अभी भी फरार है। प्रेसवार्ता के दौरान एएसपी ओमप्रकाश सिंह, सीओ सिटी अभय नरायन राय भी मौजूद रहे।
एसपी ने बताया कि आगरा रोड पर विक्रांत यादव उर्फ भूरा की दुकान कबीर पुत्र सब्बीर अली निवासी महमूदनगर ने किराए पर ली थी। दुकान पर नूर आलम उर्फ भूर को काम पर रखा था। दो माह पूर्व दुकान खाली होने के बाद लेनदेन को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद दो गुट बन गए और आए दिन शहर में फायरिंग करने लगे।
छह अगस्त की रात फायरिंग करके भाग रहे नूर आलम, बबलू यादव और प्रदीप तोमर की पुलिस ने घेराबंदी की। पकड़े जाने के डर से बाइक सवार प्रदीप तोमर ने सिपाही अंकित चौधरी को गोली मार दी थी।
एसपी ने बताया कि मंगलवार को नगला शैतान के पास बदमाश होने की जानकारी मिली। सूचना पर इंस्पेक्टर ओमहरि वाजपेई ने टीम के साथ बदमाशों की घेराबंदी की तो उन्होंने फायरिंग कर दी गई। कार्रवाई के दौरान सिपाही को गोली मारने के मामले में वांछित 50 हजार का इनामी भूरा उर्फ नूर आलम गिरफ्तार कर लिया गया।
वहीं उसके साथी बबलू यादव निवासी गांव अंजनी और सोनू उर्फ मामा निवासी गांव लरसरिया थाना अलीगंज एटा बाइक छोड़कर भाग गए। आशीष दीक्षित