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सिंचाई में बाधा बनी बिजली, नहीं चल पा रहे 200 नलकूप

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कलक्ट्रेट पर प्रदर्शन करते ज्योंती रोड फीडर क्षेत्र के किसान - फोटो : MAINPURI
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मैनपुरी। बिजली कटौती होने के कारण ज्योंती फीडर क्षेत्र के 50 गांव के 200 नलकूप नहीं चल पा रहे हैं। किसानों के खेतों में खड़ी धान और बाजरे की फसल बरबाद हो रही है। वहीं, बिजली विभाग के अधिकारी इस तरफ ध्यान नहीं दे रहे हैं। इससे किसान परेशान हैं। वहीं, उनमें आक्रोश पनप रहा है। उन्होंने डीएम से मामले में कार्रवाई की गुहार लगाई है।
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ज्योंती रोड फीडर से 50 गांव जुड़े हुए हैं। इन गांव में दो सौ से अधिक नलकूप हैं। धान यहां की मुख्य फसल है, जिसे पर्याप्त बारिश न होने के कारण वर्तमान में पानी की विशेष जरूरत है। 15 दिन से इस क्षेत्र में बिजली आपूर्ति में अवरोध पैदा हो रहा है। यहां 24 घंटे में मुश्किल से दो घंटे की बिजली मिल पाती है।
15 मिनट पर बिजली ट्रिप करती है, जिसके कारण पानी खेत तक पहुंच पाता तब तक नलकूप बंद हो जाता है। इससे किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल बर्बादी की कगार पर पहुंच गई है।
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ज्योंती रोड स्थित नगला अनी, नगला धनी, नगला भंत, गडेरी, नगला कोंडर, मरौली, बदनपुर आदि गांवों के किसान सपा के विधानसभा अध्यक्ष चंद्रशेखर यादव के साथ कलक्ट्रेट पहुंचे। यहां किसान अपने साथ बर्बाद हो रही फसल के अंश भी लेकर पहुंचे थे। किसानों का कहना था कि उनके क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बाधित चल रही है, इससे नलकूप ठप पड़े हुए हैं।
इससे खेतों में खड़ी धान और बाजरा की फसल बर्बाद हो रही है। बिजली विभाग के अधिकारियों से कई बार मुलाकात की गई, लेकिन कोई हल नहीं निकला। अब मजबूरी में वे लोग यहां शिकायत करने आए हैं। किसानों ने जिलाधिकारी से बिजली आपूर्ति सुचारु कराने की मांग की है, साथ ही ज्ञापन भी सौंपा।
इस अवसर पर बंटू यादव, शशीकांत, राविकांत, कुलदीप सिंह, राधेश्याम सिंह, फूलचंद्र, कीर्तीकुमार, वीरपाल सिंह, हरवीर सिंह, नीतेश कुमार, रघुवीर सिंह सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे।
ग्रामीणों की मानें तो कई बार ज्योंती रोड फीडर पर पहुंचकर किसानों ने अपनी समस्या की जानकारी दी, लेकिन किसी ने कुछ नहीं सुना। अधिकारी केवल यह जवाब देते हैं कि सब ऊपर से हो रहा है, जबकि अन्य फीडर क्षेत्र में आपूर्ति सही ढंग से संचालित हो रही है।
क्षेत्र के किसान कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई ध्यान नहीं दे रहा है। धान यहां की मुख्य फसल है। यदि धान की फसल बरबाद हुई तो फिर यहां का किसान दिवालिया हो जाएगा।
-चंद्रशेखर यादव
किसानों के खेतों में खड़ी धान की फसल बरबाद हो रही है। बिजली विभाग कुछ ध्यान नहीं दे रहा है। यदि समय रहते धान की फसल को पानी नहीं मिला तो क्षेत्र का किसान बर्बाद हो जाएगा।
-कीर्ती कुमार
क्षेत्र में बिजली आपूर्ति का जो हाल है, शायद वह जनपद में कहीं नहीं होगा। बिजली आपूर्ति बाधित रहने से किसानों के ऊपर बड़ा संकट है। फसल बरबाद हो रही है। विभाग को इस तरफ ध्यान देना चाहिए।
-वीरपाल सिंह
किसानों ने अपने खेतों पर धान की वजह से ही नलकूप स्थापित किए हैं, लेकिन अब नलकूप को पर्याप्त बिजली ही नहीं मिलती है, जिससे कि धान की फसल को पानी दिया जा सके। विभाग शीघ्र इस समस्या से निजात दिलानी चाहिए।
-हरवीर सिंह
बारिश के मौसम में बिजली आपूर्ति में व्यवधान आ रहा है। नियमित रूप से क्षेत्र में विद्युत आपूर्ति करने के निर्देश हैं। ज्योंती रोड फीडर के क्षेत्र में किस स्तर पर कमी है, उसकी जांच कराई जाएगी। किसानों को पर्याप्त विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराई जाएगी। -रवि अग्रवाल, अधीक्षण अभियंता
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