डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से संबद्ध अनुदानित कॉलेजों में स्नातक स्तर पर 33 प्रतिशत सीटें बढ़ीं तो लेकिन सीटें भर नहीं पाईं। आगरा कॉलेज, सेंट जोंस कॉलेज और आरबीएस कॉलेज में कुल मिलाकर 1,612 नई सीटें बढ़ाई गईं, फिर भी 282 सीटें खाली रह गईं।
कॉलेज के प्राचार्यों की मांग पर 8 अक्तूबर को प्रत्येक स्नातक पाठ्यक्रम में 10,000 रुपये प्रति पाठ्यक्रम के हिसाब से वृद्धि की अनुमति दी गई थी। कॉलेज प्राचार्यों का कहना है कि अगर यह निर्णय समय रहते ले लिया जाता, तो अधिक छात्रों को प्रवेश का अवसर मिल सकता था। प्रवेश प्रक्रिया में देरी की वजह से कई अभ्यर्थियों ने निजी या अन्य प्राइवेट कॉलेजों में दाखिला ले लिया।
आगरा कॉलेज प्राचार्य प्रो. सीके गौतम ने बताया कि बीएससी मैथ्स में 140 सीटें खाली रह गईं। बाकी अधिकांश पाठ्यक्रमों में सीटें लगभग भर चुकी हैं। सेंट जोंस कॉलेज के प्राचार्य प्रो. एसपी सिंह ने बताया कि बीबीए में 20, बीसीए में 10, बीपीईएस में 10 और बीएससी बायोटेक में 10 सीटें खाली रह गईं। वहीं आरबीएस कॉलेज के प्राचार्य विजय श्रीवास्तव ने बताया कि बीए, बीकॉम, बीएससी, बीबीए, बीसीए और बीएससी (कृषि) पाठ्यक्रमों में 10 से 15 सीटें रिक्त रह गईं।