कासगंज। शहर के नदरई गेट स्थित गोशाला के समीप की विवादित संपत्ति का मामला सुर्खियों में है। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत ने इसे राजकीय संपत्ति बताते हुए मुख्यमंत्री से शिकायत की। इसकी जांच के निर्देश मुख्यमंत्री ने दिए थे, लेकिन जांच पूरी होने से पहले जांच रिपोर्ट लीक हो गई। विधायक ने इस पर लिखित रूप से आपत्ति पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इसके बाद कार्रवाई की गई।
सदर एसडीएम पंकज कुमार सिंह को सदर तहसील से हटाकर सहावर तहसील के न्यायिक एसडीएम के पद पर तैनाती है, जबकि तहसीलदार अजय कुमार का स्थानांतरण हुआ था उन्हें भी कार्यमुक्त कर दिया गया है। जबकि विवादित संपत्ति के मामले की जांच कर रहीं नायब तहसीलदार बिलराम गरिमा सिंह को सदर तहसील से हटाकर सहावर तहसील में तैनाती दी गई है। सदर विधायक देवेंद्र राजपूत ने अपनी शिकायत में कहा कि उनके द्वारा गाटा संख्या 38 के बारे में शिकायत की गई थी। उसमें आबादी का भी उल्लेख किया है, लेकिन एसडीएम की जो जांच रिपोर्ट वायरल हुई उसमें राजकीय संपत्ति नहीं दर्शाया गया है और आबादी का भी कोई उल्लेख नहीं दिया गया है। जबकि रेलवे और चकबंदी की रिपोर्ट में भी आबादी दर्ज है। उन्होंने अन्य सवाल भी वायरल रिपोर्ट पर उठाए हैं। उन्होंने इस मामले की पुन: जांच कराने की मांग उठाई है।
संजीव बने सदर एसडीएम
जिलाधिकारी हर्षिता माथुर ने सहारनपुर से जिले में एसडीएम संजीव कुमार को सदर तहसील का एसडीएम बनाया है। उन्होंने जिलाधिकारी के आदेश के बाद अपना पदभार ग्रहण कर लिया है।
- प्रशासनिक कामकाज के आधार पर एसडीएम, नायब तहसीलदार का स्थानांतरण किया गया है। जबकि तहसीलदार सदर का स्थानांतरण हो गया था उन्हें कार्यमुक्त किया गया है। हर्षिता माथुर, डीएम।