कासगंज/पटियाली। जिले में मंगलवार की रात्रि से सक्रिय हुए मानसून से 30 घंटे में ही एक माह का आधा पानी बरस गया। जिससे जगह जगह जलभराव के हालात पैदा हो गए।बारिश का सबसे अधिक असर पटियाली तहसील क्षेत्र में हुआ। जिसके चलते फसलें जलमग्न हो गई। किसानों को इन फसलों के खराब होने की चिंता सताने लगी है।
जिले में अगस्त माह में 212.10 मिली मीटर बारिश का औसत है। जिले में वर्ष 2019 से अगस्त माह में इतनी बारिश नहीं हुई है। औसत से कम बारिश ही होती आई है, लेकिन इस साल अच्छी बारिश हो रही है। कई दिन के बाद मंगलवार को देर रात से जिले में मानसून सक्रिय हो गया। जिससे तीस घंटे में 105 मिमी औसत बारिश हुई। जिसमें सबसे अधिक बारिश पटियाली तहसील क्षेत्र में हुई है। पटियाली तहसील क्षेत्र में 167 मिमी बारिश हो गई। जिसका सबसे अधिक असर फसलों पर पड़ा है। खेत पानी से लबालब भर गए। खेतों में बोई गई शकरकंद एवं मूंगफली की फसल पूरी तरह से पानी में डूब चुकी है। इसके अलावा इस क्षेत्र में, मक्का, बाजरा, धान की फसल पर भी बारिश से असर पड़ा है। कासगंज तहसील क्षेत्र में इस दौरान 76 एमएम बारिश हुई है। जबकि सहावर तहसील क्षेत्र में 72 एमएम बारिश हुई है। कासगंज व सहावर तहसील क्षेत्र में बारिश से फसलों पर असर नहीं पड़ा है। जिले में लगातार होने वाली बारिश से शहरी एवं कस्बाई क्षेत्रों में जलभराव के हालात बन गए, जिससे लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
वर्ष - बारिश मिमी
2019-119-33
2020-180-8
2021-155.49
2022-132.50
2023-195.00
मैने अपने आठ बीघा खेत में धान की फसल बो रखी है। अधिक बारिश होने से धान पूरी तरह से पानी में डूब गया है। जिससे फसल को नुकसान है- नेम सिंह, किसान
मैने 10 बीघा खेत में मक्का की फसल बो रखी है। बारिश का पानी खेत में जमा हो गया है, खेत में पानी भरने फसल को नुकसान है- जयवीर सिंह, किसान
मैने 10 बीघा खेत में बाजरा की फसल बाे रखी है। फसल अभी अधिक बड़ी नहीं हुई है। खेत में बारिश का पानी भर जाने से फसल डूब गई है- जीसुख किसान
मैने 10 बीघा खेत में मूंगफली की फसल की कुछ दिन पहले ही बोआई की है। बारिश से खेत में पानी भर जाने से बीज के सड़ने का खतरा पैदा हो गया है- अनूप कुमार, किसान
बारिश का पानी जिन खेतों में भर गया है वह फसलों के लिए नुकसान दायक है। धूप निकलने पर जब यह पानी गरम होगा तो इसके फसलें खराब हो जाएंगी- अवधेश मिश्रा, जिला कृषि अधिकारी